जुगसलाई में कोर्ट के आदेश पर बेदखली से विवाद
चल रही कानूनी लड़ाई के बीच विवादित दुकान सील
भूमि स्वामित्व विवाद के कारण जुगसलाई चौक बाजार के निकट तनावपूर्ण बेदखली की स्थिति उत्पन्न हो गई है, जिससे कानूनी प्रक्रियाओं पर सवाल उठ रहे हैं।
जमशेदपुर – जुगसलाई चौक बाजार के पास एक दुकान को अदालत के आदेश के बाद सील कर दिया गया और खाली करा दिया गया, जिससे लंबे समय से चल रहा संपत्ति विवाद और बढ़ गया।
मजिस्ट्रेट द्वारा नियुक्त नाजिर धीरज कुमार ने जिला प्रशासन के सहयोग से बेदखली प्रक्रिया की देखरेख की।
विवादित 2000 वर्ग फीट भूमि 2012 से कानूनी लड़ाई का केन्द्र रही है।
मुकेश शर्मा ने स्वामित्व का दावा करते हुए कहा कि उन्होंने कजारिया से अपनी मां के नाम पर जमीन खरीदी थी।
शर्मा का दावा है कि उन्होंने खाली करने के लिए छह महीने का समय मांगा था, लेकिन उनकी याचिका को नजरअंदाज कर दिया गया।
निष्कासन के दौरान मामूली झड़प हुई, जिसके परिणामस्वरूप दो व्यक्ति घायल हो गए।
विजय रिंगासिया के वकील ने 20 अगस्त को होने वाली अदालती सुनवाई का हवाला देते हुए बेदखली की वैधता पर सवाल उठाया है।
उनका तर्क है कि अधिवक्ता के कक्ष सहित 200 वर्ग फुट का अतिरिक्त स्थान अनावश्यक रूप से खाली करा लिया गया।
इस मामले में निचली अदालतों, उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले आ चुके हैं।
चल रही कानूनी कार्यवाही के बीच बेदखली आदेश के उचित क्रियान्वयन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
यह विवाद 4000 वर्ग फीट के बड़े भूखंड से संबंधित है, जिसका केवल आधा हिस्सा ही विवाद के अंतर्गत है।
स्थानीय प्राधिकारियों का कहना है कि बेदखली की कार्रवाई अदालती निर्देशों के अनुपालन में की गई।
यह घटना जमशेदपुर में संपत्ति विवादों और कानूनी प्रवर्तन की जटिलताओं को उजागर करती है।
