नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच जमशेदपुर तक पहुंची
नए निष्कर्षों से पता चला है कि जमशेदपुर का संबंध मौजूदा NEET पेपर लीक घोटाले से है
नीट-यूजी 2024 पेपर लीक की चल रही सीबीआई जांच में जमशेदपुर से संबंध उजागर हुए हैं और रोजाना नए खुलासे हो रहे हैं।
जमशेदपुर – नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच जमशेदपुर तक फैल गई है, जहां जांचकर्ताओं ने इस घोटाले में शहर की संलिप्तता के संभावित लिंक का खुलासा किया है।
पिछले तीन दिनों से सीबीआई की टीम यहां डेरा डाले हुए है। जमशेदपुरस्थानीय पुलिस सहायता के बिना स्वतंत्र जांच करना।
टीम प्रतिदिन विभिन्न स्थानों का दौरा कर रही है, लेकिन अभी तक ठोस सबूत नहीं मिल पाए हैं।
सोमवार और मंगलवार को टीम ने जमशेदपुर के बाहरी इलाकों पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे संकेत मिलता है कि वे इस क्षेत्र में कई और दिनों तक अपना अभियान जारी रख सकते हैं।
जांच विवरण और निष्कर्ष
हजारीबाग में अपनी जांच के दौरान सीबीआई टीम को जमशेदपुर की ओर इशारा करने वाले सुराग मिले।
सूत्रों से पता चला है कि शहर के एक विशेष केंद्र पर परीक्षा का पेपर लीक करने का प्रयास किया गया था।
सीबीआई इस मामले से सीधे जुड़े एक व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसके बारे में माना जाता है कि उसने हजारीबाग में अपने संपर्कों के साथ समन्वय किया था।
समान कार्यप्रणाली
सीबीआई ने पाया है कि पेपर लीक में इस्तेमाल की गई विधियां विभिन्न स्थानों पर एक जैसी हैं।
हजारीबाग में परीक्षा के प्रश्नपत्रों को मैन्युअल चाबी वाले डिजिटल लॉक वाले टिन के बक्सों में रखा गया था।
डिजिटल लॉक केवल एनटीए की अनुमति से ही खोला जा सकता था।
भंडारण स्थलों पर सीसीटीवी कवरेज अधूरा था, जिससे यह संकेत मिलता है कि कागजात निकालने के लिए बक्सों के पीछे के हिस्से से छेड़छाड़ की गई होगी।
सीसीटीवी में संदिग्ध गतिविधियां कैद
सीसीटीवी फुटेज की सीबीआई द्वारा की गई जांच से पता चला कि कागजात जिस सुरक्षित क्षेत्र में रखे गए थे, वहां अनाधिकृत गतिविधियां चल रही थीं।
पूछताछ करने पर स्कूल के प्रधानाचार्य और पर्यवेक्षक स्पष्ट स्पष्टीकरण नहीं दे सके।
हजारीबाग के ओएसिस स्कूल में परीक्षा प्रश्नपत्र बॉक्स खोलने के दौरान समन्वयक और निरीक्षक जल्दबाजी में दिखे और उन्होंने उपस्थित लोगों का ध्यान भटकाया, ताकि वे छेड़छाड़ का पता न लगा सकें।
साक्ष्यों से पता चलता है कि प्रिंसिपल और जमालुद्दीन नामक एक अन्य व्यक्ति को एक तीसरा व्यक्ति मार्गदर्शन दे रहा था।
चल रही जांच
हजारीबाग में सीबीआई ऑपरेशन के पीछे के मास्टरमाइंड का पता लगाने के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की भी समीक्षा कर रही है।
डीएसपी स्तर के एक अधिकारी और दो अन्य अधिकारियों के नेतृत्व में टीम रामनगर, मंडई और कल्लू चौक जैसे इलाकों में सुराग तलाश रही है।
जांच में घोटाले के नए पहलू उजागर हो रहे हैं तथा सीबीआई मामले को सुलझाने तथा अपराधियों को न्याय के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
