झारखंड: सीबीआई ने नीट पेपर लीक मामले की जांच का दायरा आरोपियों के रिश्तेदारों तक बढ़ाया
एजेंसी संदिग्धों के परिवार के सदस्यों के बैंक खातों और संपत्ति अधिग्रहण की जांच करेगी
विस्तृत दायरे का उद्देश्य परीक्षा घोटाले से जुड़े संभावित अवैध वित्तीय लेनदेन का पता लगाना है।
रांची – केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट पेपर लीक घोटाले में अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है और अब वह आरोपी के रिश्तेदारों की वित्तीय गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
एक सीबीआई अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया, “हम संदिग्धों के परिवार के सदस्यों की संपत्तियों और धन के स्रोत की जांच कर रहे हैं।”
एजेंसी आरोपी से जुड़े रिश्तेदारों के बैंक लेनदेन और संपत्ति अधिग्रहण की जांच करेगी।
यह विस्तारित जांच भारत भर में कई गिरफ्तारियों के बाद की गई है, जिनमें गोधरा के एक स्कूल ट्रस्टी और महाराष्ट्र के लातूर से संदिग्ध शामिल हैं।
सीबीआई ने चल रही जांच के तहत बिहार की बेउर जेल में बंद 13 आरोपियों से पूछताछ की।
हजारीबाग स्कूल के प्रिंसिपल एहसानुल हक की गिरफ्तारी और उसके बाद की वित्तीय जांच इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
कई आरोपियों की रिमांड अवधि 4 जुलाई को समाप्त हो रही है, जिससे संभावित रूप से और भी खुलासे हो सकते हैं।
28 जून को सीबीआई ने हजारीबाग से ओएसिस स्कूल के प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
27 जून को पटना में दो अतिरिक्त गिरफ्तारियां की गईं, जो जांच की व्यापक प्रकृति को दर्शाती हैं।
इस विस्तारित जांच का उद्देश्य परीक्षा प्रश्नपत्र लीक से सम्भावित रूप से जुड़े किसी भी छिपे हुए वित्तीय सुराग को उजागर करना है।
