आदित्यपुर नगर निगम में जल संकट को लेकर भाजपा का प्रदर्शन
आदित्यपुर निवासियों ने जल संकट के तत्काल समाधान की मांग की
जल संकट के विरोध में भाजपाइयों ने शनिवार को आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया।
जमशेदपुर – भाजपा सदस्यों ने शनिवार को आदित्यपुर नगर निगम कार्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और क्षेत्र में व्याप्त जल संकट के तत्काल समाधान की मांग की।
यद्यपि विपक्ष के नेता अमर कुमार बाउरी के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद थी, लेकिन अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण वे इसमें शामिल नहीं हो सके।
विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष उदय सिंह देव ने किया, जिसमें जिला प्रभारी सुबोध कुमार गुड्डू की प्रमुख भागीदारी रही।
जिला अध्यक्ष उदय सिंह देव ने नगर निगम प्रशासन पर गहरे भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि पानी की किल्लत से जनता को भारी परेशानी हो रही है।
उन्होंने होल्डिंग टैक्स बढ़ाने और उचित सफाई की उपेक्षा करने के लिए प्रशासन की भी आलोचना की।
स्थिति बढ़ने की चेतावनी
इस विरोध प्रदर्शन के माध्यम से नगर निगम प्रशासन को पानी की समस्या का शीघ्र समाधान करने की चेतावनी दी गई।
बी जे पी नेता गणेश महाली ने चेतावनी दी कि यदि समस्याएं जारी रहीं तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी।
महाली ने कहा, “यदि मुद्दे का समाधान नहीं किया गया तो हम अपना विरोध प्रदर्शन सड़कों से लेकर विधानसभा तक ले जाएंगे।”
उन्होंने सार्वजनिक मुद्दों के प्रति अपनी दशक भर की प्रतिबद्धता पर जोर दिया और इस बात पर निराशा व्यक्त की कि स्थानीय विधायक, जो अब राज्य के मुख्यमंत्री हैं, जल संकट का समाधान करने में विफल रहे हैं।
सार्वजनिक आक्रोश
महाली ने कहा कि जनता इस उपेक्षा को याद रखेगी और इसका जवाब देगी।
विरोध प्रदर्शन में आदित्यपुर नगर निगम के पूर्व उप महापौर रमेश हांसदा, अमित सिंह, कुमुद रंजन, ललन तिवारी, राकेश मिश्रा, राकेश सिंह, कृष्ण मुरारी झा, ललन शुक्ला, अमितेश अमर, विद्यासागर दुबे, अभिषेक गुप्ता सावन, अशोक सिंह, पवन महतो, विजय कुमार, पूर्व पार्षद बोरजो राम हांसदा, राजरानी महतो, अभिजीत महतो, नील पद्मा विश्वास, जूली महतो, रंजन सिंह, प्रभासिनी कालुंडिया, नथुनी सिंह और रिंकू राय समेत कई प्रमुख भाजपा नेता शामिल हुए।
सैकड़ों स्थानीय महिलाओं ने भी विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
सामुदायिक मांगें
भाजपा का विरोध प्रदर्शन आदित्यपुर निवासियों में आवश्यक सेवाओं की कमी को लेकर बढ़ती हताशा को दर्शाता है।
प्रदर्शनकारियों ने जल संकट को दूर करने तथा स्वच्छता सेवाओं में सुधार के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की।
