जमशेदपुर के बैंकों से ऋण वितरण और योजना कार्यान्वयन को बढ़ावा देने का आग्रह
जिला सलाहकार समिति की बैठक में वित्तीय प्रदर्शन और सरकारी पहलों पर प्रकाश डाला गया
उप विकास आयुक्त ने महत्वपूर्ण डीएलआरसी बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें बेहतर बैंकिंग सेवाओं और योजना कार्यान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया गया।
जमशेदपुर – उपायुक्त अनन्य मित्तल के निर्देशानुसार बुधवार को बैंकों की जिला सलाहकार समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की महत्वपूर्ण बैठक समाहरणालय सभागार में हुई।
उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वित्तीय निष्पादन की समीक्षा और सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
बैठक के दौरान अग्रणी जिला प्रबंधक ने वित्तीय वर्ष 2023-2024 की चौथी तिमाही के वित्तीय लेखे प्रस्तुत किये।
बताया गया कि बैंकों का वार्षिक जमा ऋण अनुपात 49.64% तक पहुंच गया है, जो पिछले वर्ष के 49.05% से मामूली वृद्धि दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि कुल 8,40,021 प्रधानमंत्री जन धन योजना खातों में से 53,555 शून्य शेष राशि के साथ खोले गए, जबकि आधार सीडिंग प्रतिशत 88.49% था।
सरकारी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करें
उप विकास आयुक्त ने सरकार केंद्रित योजनाओं के अनुपालन के महत्व पर बल दिया तथा बैंकों को स्वीकृत आवेदनों पर शीघ्र ऋण वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने सुधार के लिए पांच प्रमुख क्षेत्रों पर प्रकाश डाला: प्राथमिकता क्षेत्र के अंतर्गत कृषि ऋण, जमा ऋण में वृद्धि, तथा मुद्रा योजना, पीएमईजीपी और पीएमएफएमई योजनाओं का सफल कार्यान्वयन।
विशेष ध्यान वर्तमान में चल रहे CITIZENS CHOICE APY कार्यक्रम की ओर आकर्षित किया गया, जो 5 जून से 31 जुलाई, 2024 तक चलेगा।
बैंकिंग सेवाओं में सुधार
बैंक अधिकारियों से आग्रह किया गया कि वे लंबित एवं स्वीकृत ऋण आवेदनों, विशेषकर सरकारी योजनाओं से संबंधित ऋण आवेदनों के प्रसंस्करण में तेजी लाएं।
आयुक्त ने बैंकों से पात्र लाभार्थियों की आवश्यकताओं के प्रति अधिक संवेदनशील होने तथा यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया कि उन्हें इन योजनाओं का पूरा लाभ मिले।
यह देखा गया कि कुछ बैंकों ने प्राथमिकता क्षेत्र में कम प्रदर्शन किया, जिससे सुधार की आवश्यकता महसूस की गई।
शहरी निकायों के सहयोग से शिविर लगाकर फुटपाथ विक्रेताओं को ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैंकों को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार करने वाले व्यक्तियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।
वित्तीय साक्षरता पहल
सरकारी योजना के ऋणों के संबंध में बैंकों से कहा गया कि वे आवेदकों को स्पष्ट जानकारी दें तथा यह सुनिश्चित करें कि आवेदनों की अस्वीकृति उचित हो।
इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों और पंचायत भवनों में स्कूली बच्चों के लिए वित्तीय साक्षरता क्लब शिविरों का आयोजन अनिवार्य किया गया।
बैठक में डीएम जीआईसी, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार, जिला मत्स्य पदाधिकारी अलका पन्ना, आरबीआई रांची के प्रतिनिधि रोशन कुमार घिरिया, डीडीएम नाबार्ड, एलडीएम और विभिन्न बैंकों के समन्वयक सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित थे।
