टाटा कमिंस झारखंड में शून्य-उत्सर्जन विनिर्माण शुरू करेगी

उत्सर्जन-मुक्त प्रौद्योगिकियों को प्रस्तुत करने के लिए टीसीपीएल जीईएस द्वारा नया संयंत्र; 350 करोड़ रुपये के निवेश से 300 नौकरियां सृजित होंगी

झारखंड ने टाटा कमिंस के नए उद्यम का स्वागत किया, जो पर्यावरण-अनुकूल गतिशीलता समाधान के लिए 350 करोड़ रुपये का निवेश, जिससे 300 प्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी.

रांची – झारखंड सरकार ने कम से शून्य उत्सर्जन प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित विनिर्माण सुविधा की स्थापना के लिए टाटा कमिंस की सहायक कंपनी टीसीपीएल जीईएस के साथ साझेदारी की है.

300 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार अवसरों के साथ, राज्य के युवा नवीन प्रौद्योगिकियों और प्रक्रियाओं पर काम करेंगे, जो झारखंड के सामाजिक और आर्थिक ताने-बाने को महत्वपूर्ण बढ़ावा देगा.

350 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश, बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन सिस्टम, ईंधन सेल इलेक्ट्रिक वाहन सिस्टम और हाइड्रोजन आंतरिक दहन इंजन (एच-आईसीई) सहित ईंधन-अज्ञेयवादी पावरट्रेन समाधानों को बढ़ावा देगा.

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ, उद्योग विभाग के सचिव जितेंद्र कुमार और भारत में कमिंस ग्रुप के सीएफओ अजय पाटिल द्वारा समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए.

दुबले, स्वच्छ और हरित विनिर्माण के लिए कमिंस की प्रतिबद्धता के अनुसार, संयंत्र को 2024 में चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना है, जिसकी शुरुआत एच-आईसीई से होगी, इसके बाद अन्य घटक होंगे.

इस सहयोग के माध्यम से, टाटा कमिंस का लक्ष्य टिकाऊ और उत्सर्जन-मुक्त गतिशीलता समाधानों के लिए वैश्विक अभियान में योगदान देना है.

Join Our Newsletter

यह भी पढ़ें

झारखंड: एसआईआर के तहत मतदाताओं की मैपिंग, ईसी बोला- फिलहाल दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं

रांची, 14 जून (आईएएनएस)। झारखंड में विशेष मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत अब तक 2.64 करोड़ मतदाताओं में से 2.11 करोड़ यानी करीब...

अस्वीकृति से सम्मान तक: मूर्तिकार-चित्रकार देवी प्रसाद राय चौधरी की अनकही कहानी

नई दिल्ली, 14 जून (आईएएनएस)। कला जगत में कुछ नाम ऐसे हैं जिन्होंने चित्र बनाने के साथ-साथ समय की जड़ताओं को भी तराशा। पद्म...

अभिमत

झारखंड राज्यसभा चुनाव से तय होंगे बड़े राजनीतिक संकेत

झारखंड की राज्यसभा सीटों पर 18 जून को होने वाला चुनाव कांग्रेस की राजनीतिक ताकत, इंडिया गठबंधन की एकता और विपक्षी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

विश्वसनीय पत्रकारिता के पुरोधा राधेश्याम अग्रवाल : जिनकी विरासत आज भी रोशन कर रही है मीडिया का मार्ग

अग्रवाल साहब ने केवल एक समाचार पत्र की स्थापना नहीं की, बल्कि उन्होंने इस क्षेत्र में पत्रकारिता की ऐसी मजबूत नींव रखी, जिस पर आगे चलकर पूरे मीडिया उद्योग का विस्तार हुआ।

ज़िद

संपादक की पसंद

बंगाल में चार हजार ईवीएम जलने पर इमरान मसूद ने जताई चिंता, बोले- देश को अब जागने की जरूरत

सहारनपुर, 13 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने ईवीएम के कथित दुरुपयोग लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में हाल की...

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 221 नवनियुक्त कर्मचारियों को सौंपा नियुक्ति पत्र

देहरादून, 9 जून (आईएएनएस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, पशुपालन विभाग एवं...

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत