Jugsalai ROB; जुगसलाई आरओबी: लोकार्पण के 108 दिन बाद स्ट्रीट लाइट लगाने का आज शाम होगा शिलान्यास, अंधेरे में रेलवे ओवरब्रिज पार करने से जल्द मिलेगी निजात
जमशेदपुर : लंबे संषर्ष व इंतजार के बाद रेलवे व झारखंड सरकार की ओर से संयुक्त रूप से बनाए गए जुगसलाई रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) पर इसके लोकार्पण के 108 दिन बाद स्ट्रीट लाइट लगाने के काम का शिलान्यास होने जा रहा है.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गत 31 जनवरी को इस आरओबी का शिलान्यास किया था. इसके साथ ही पुराने जुगसलाई रेलवे फाटक से आवागमन को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया था. तब से लोग अंंधेरे मं ही इस औरओबी से आवाजाही कर रहे हैं. अब लोगों को इस अंधेरे से छुटकारा मिल जाएगा.
राज्य से स्वास्थ्य मंत्री व जमशेदपुर पश्चिम से कांग्रेस के विधायक बन्ना गुप्ता स्ट्रीट लाइट लगाने के काम का शिलान्यास शनिवार 20 मई को शाम छह बजे जुगसलाई आरओबी के पास करेंगे. इस मौके पर जुगसलाई के झामुमो विधायक मंगल कालिंदी भी उपस्थित रहेंगे.
करीब 44.04 करोड़ रुपए की लागत से बने आरओबी जुगसलाई नगर परिषद द्वारा 48.64 लाख रुपए की लागत से स्ट्रीट लाइट लगाने का काम किया जा रहा है.
830 मीटर लंबे आरओबी व 170 मीटर पहुंच पथ पर 110 स्ट्रीट लाइट लगाई जानी है. इसमें 90 वाट की क्षमता वाली एलईडी लाइट लगेगी.
बताते चलें कि आरओबी का निर्माण कार्य 31 दिसंबर 2022 को पूरा हुआ था और एक महीने के बाद 31 जनवरी 2023 को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसका उद्घाटन किया था.
इसमें रेलवे की ओर से ओवरब्रिज बनाया गया है जबकि राज्य के पथ निर्माण विभाग के जमशेदपुर प्रमंडल ने पहुंच पथ बनाया है.
पहले पथ निर्माण विभाग ने टाटा स्टील यूएसआईएल (प्रचलित पुराना नाम जुस्को) से आरओबी पर स्ट्रीट लाइट लगाने का आग्रह किया था. तब जुस्को ने सहमति दी थी, बाद में कंपनी से ऐसा करने से इंकार कर दिया. इसके बाद स्ट्रीट लाइट लगाने की जिम्मेदारी जुगसलाई नगर परिषद को सौंपी गई.
जुगसलाई नगर परिषद ने स्ट्रीट लाइट के लिए प्राक्कलन बनाया, जिसमें करीब एक किलोमीटर लंबे आरओबी व पहुंच पथ पर लाइट लगाई जानी है.
स्ट्रीट लाइट के लिए प्राक्कलन बनाए जाने के बाद गत आठ फरवरी को टेंडर का प्रकाशन किया गया था. 6 मार्च को टेंडर खोला गया था. नगर निकाय में निबंधित चार ठेका कंपनियों ने टेंडर में हिस्सा लिया था.
बताते चलें कि जुगसलाई आरओबी पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने से रात में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है. अंधेरे में वाहनों के टकराने की आशंका रहती है. पैदल चलने वाले लोग भी हादसे को लेकर आशंकित रहते हैं. एक अनुमान के अनुसार हर दिन जुगसलाई आरओबी से करीब तीन लाख लोग आवागमन करते हैं.
