’द कश्मीर फाइल्स’ का जमशेदपुर में जबरदस्त जलवा, आईलेक्स में पोस्टर न देखकर भड़के भाजयुमो कार्यकर्ता
भाजयुमो उलीडीह मंडल अध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में युवाओं ने पोस्टर नहीं लगाए जाने पर सिनेमा हॉल प्रबंधन के कड़ा विरोध दर्ज कराया.
जमशेदपुर : 1990 के दशक में जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के जीवन पर आधारित विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ लौहनगरी जमशेदपुर के लोगों को भी खूब भा रही है. शहर के लोगों के दिलों को छूने में अभूतपूर्व तरीके से कामयाब दिख रही इस फिल्म के क्रेज का आलम यह है कि लोग समूह में इसे देखने के लिए जा रहे हैं.
एक-दूसरे को फिल्म के बारे में बताकर इसे देखने के लिए प्रेरित किया जा रहा और जो लोग सिनेमा हॉल तक पहुंच रहे वे फिल्म देखने के बाद इसकी सराहना करते थक नहीं रहे.
‘द कश्मीर फाइल्स’ कश्मीरी पंडितों की कहानी को दर्शाती है, जिन्हें आतंकवादियों की वजह से अपना ही घर छोड़कर पलायन होने को मजबूर होना पड़ा. ये फिल्म कश्मीरी पंडितों पर हुए जुल्मों की इंतहा को सबके सामने लेकर आई है.
फिल्म में इतने भावुक दृश्य हैं कि दर्शक इसे देखकर रो पड़ रहे हैं.
फिल्म से लोगों के भावनात्मक लगाव का आलम यह है कि सोमवार को जमशेदपुर के आईलेक्स में जब युवाओं की टोली फिल्म देखने पहुंची तो इस मल्टीप्लेक्स में कहीं पर भी फिल्म का पोस्टर नहीं लगा था. इन युवाओं में से कई का भारतीय जनता युवा मोर्चा के मानगो उलीडीह मंडल से जुड़ाव था.
भाजयुमो उलीडीह मंडल अध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में युवाओं ने पोस्टर नहीं लगाए जाने पर सिनेमा हॉल प्रबंधन के कड़ा विरोध दर्ज कराया और कहा कि आज पोस्टर नहीं लगाया गया तो मंगलवार को वे लोग आकर देखेंगे कि पोस्टर नहीं लगा है या नहीं? यदि नहीं लगा होगा तो वे लोग अपने खर्च से पोस्टर लगाने का काम करेंगे.
पोस्टर नहीं लगाए जाने पर विरोध जतानेवालों में राहुल कुमार के अलावा, उपाध्यक्ष विवेक सिंह, आकाश, रोहन, चंदन ,पंकज एवं अन्य लोग शामिल थे. उधर सिनेमा हॉल प्रबंधन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन जन भावना के खिलाफ नहीं है. इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे.
