बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा अंतिम फैसला आने तक सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन नियम 2023 के तहत स्थापित FCU पर रोक
सुप्रीम कोर्ट ने सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन नियम 2023 के तहत केंद्र सरकार द्वारा स्थापित फैक्ट चेक यूनिट (FCU) पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह रोक तब तक प्रभावी रहेगी जब तक कि बॉम्बे हाईकोर्ट इस मामले पर अपना अंतिम फैसला नहीं सुना देता।
नई दिल्ली: भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) संशोधन नियम 2023 (आईटी संशोधन नियम 2023) के तहत केंद्र सरकार द्वारा गठित फैक्ट चेक यूनिट (FCU) पर अस्थायी रोक लगा दी। मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने यह आदेश दिया कि FCU तब तक कार्य नहीं करेगा जब तक कि बॉम्बे उच्च न्यायालय इस मामले पर अपना अंतिम निर्णय नहीं सुना देता।
बॉम्बे उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने इससे पहले FCU की वैधता पर विभाजित राय दी थी, जिसके बाद यह मामला तीसरे न्यायाधीश के पास भेजा गया। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने बुधवार को प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) के तहत FCU को एक वैधानिक निकाय के रूप में अधिसूचित किया था। संशोधित आईटी नियम FCU को सोशल मीडिया पर सामग्री की निगरानी करने और केंद्र सरकार व उसकी एजेंसियों से संबंधित कथित गलत सूचना को चिह्नित करने का अधिकार देते हैं।
कई संगठनों और व्यक्तियों जैसे एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने आईटी नियमों में इस संशोधन को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट FCU के गठन पर रोक लगाने संबंधी याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। यह मामला अभी बॉम्बे उच्च न्यायालय में लंबित है और वहां के अंतिम फैसले तक FCU अपना कार्य नहीं कर पाएगा।
