जमशेदपुर पुलिस ने सीतारामडेरा में पथराव के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया, अवैध शराब के लिए घरों में छापेमारी की. अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा.
जमशेदपुर-सीतारामडेरा थाने पर पथराव और हंगामा करने के मामले में कल जमशेदपुर पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.
एसएसपी प्रभात कुमार धालभूम के एसडीओ पीयूष सिन्हा ने पूरी टीम के साथ देर रात सीतारामडेरा उरांव बस्ती में पैदल मार्च किया.
ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने बस्ती के कई घरों में छापेमारी की और अवैध देशी शराब जब्त किये, जिसे उत्पाद विभाग को सौंप दिया गया है.
पुलिस ने अवैध शराब की भट्ठी का पता लगाने के अलावा सड़क पर खड़े वाहनों की भी जांच की.
कुछ मामलों में, निवासियों को निरीक्षण के लिए वाहनों को खोलने के लिए बुलाया गया, जबकि पुलिस नंबर प्लेट वाली एक कार को पुलिस लाइन भेजा गया.
हालांकि छापेमारी के दौरान किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई, लेकिन एसएसपी प्रभात कुमार ने साफ कर दिया कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रहेगा.
यहां बता दें कि सीतारामडेरा थाना क्षेत्र के उरांव बस्ती में चल रहे अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन की एक टीम ने सोमवार की रात बस्ती का दौरा किया.
इस टीम में विभिन्न अधिकारी शामिल थे जेएनएसी, उत्पाद शुल्क विभाग, और अन्य पुलिस अधिकारी.
पुलिस ने अवैध कारोबार में शामिल लोगों को चेतावनी दी और उनसे यह गतिविधि बंद करने की अपील की.
एसएसपी ने इस बात पर जोर दिया कि उरांव बस्ती अवैध शराब के कारोबार के लिए पूरे शहर में कुख्यात है, जहां लोग देर रात तक शराब के सेवन और वितरण दोनों में लगे रहते हैं.
इस अवैध गतिविधि को रोकने के निरंतर प्रयास के तहत, इसमें शामिल लोगों से इस व्यापार को छोड़ने और बेहतर जीवन जीने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की जा रही है.
रविवार देर रात थाने का घेराव करने में शामिल कुछ स्थानीय नेताओं पर आरोप लगे हैं और कुछ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.
एसएसपी ने इलाके के निवासियों से अपील की है कि वे माहौल को बेहतर बनाने के लिए अवैध कार्यों को छोड़ दें और अपने बच्चों को शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने दें.
जिला प्रशासन इन व्यक्तियों को विभिन्न कार्यक्रमों से जोड़ने की पहल कर रहा है, जिससे उन्हें वैध जीवन जीने में सहायता मिल सके.
