जमशेदपुर: कतर के रस लाफान इंडस्ट्रियल सिटी स्थित बरजान गैस प्लांट में हुए भीषण विस्फोट में 13 श्रमिकों की मौत हो गई। मृतकों में 12 भारतीय और एक पाकिस्तानी नागरिक शामिल हैं। इस दर्दनाक हादसे में जमशेदपुर के धातकीडीह निवासी रजा अली इमाम की भी जान चली गई। घटना की खबर मिलते ही उनके परिवार और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
दुर्घटना के बाद दोहा स्थित भारतीय दूतावास लगातार कतर प्रशासन के संपर्क में है। भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है।
भारतीय अधिकारियों द्वारा आवश्यक दस्तावेजी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है, ताकि मृत भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर जल्द से जल्द उनके परिजनों तक पहुंचाए जा सकें।
धातकीडीह में पसरा मातम
धातकीडीह ए-ब्लॉक निवासी रजा अली इमाम कतर में कतर नेशनल फैसिलिटी सर्विसेज कंपनी में इंस्ट्रूमेंट टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थे। सोमवार को उनकी मौत की सूचना जैसे ही परिवार तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। रिश्तेदारों, मित्रों और पड़ोसियों का उनके आवास पर तांता लग गया।
रजा अली इमाम अपने पीछे पत्नी, सात वर्षीय पुत्री और पांच वर्षीय पुत्र को छोड़ गए हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। मासूम बच्चे अभी भी सदमे में हैं और अपने पिता की अचानक हुई मौत को समझ नहीं पा रहे हैं। परिजन अब उनके पार्थिव शरीर के कतर से जमशेदपुर पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
प्लांट दोबारा शुरू होने के दो दिन बाद हादसा
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बरजान गैस प्लांट में हाल ही में व्यापक मरम्मत और रखरखाव का कार्य पूरा किया गया था। प्लांट को दो दिन पहले ही पुनः चालू किया गया था। इसी दौरान शुरुआती परिचालन चरण में अचानक जोरदार विस्फोट हुआ, जिसने मौके पर काम कर रहे श्रमिकों को संभलने का मौका तक नहीं दिया।
कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने घटना को गंभीर तकनीकी दुर्घटना बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विस्फोट किसी प्रकार की साजिश, तोड़फोड़ या बाहरी हमले का परिणाम नहीं था।
13 की गई जान, 66 से अधिक घायल
कतर प्रशासन के अनुसार, विस्फोट में 13 श्रमिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कम से कम 66 अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों को तत्काल अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
घायलों में भारत, नेपाल, कतर, बांग्लादेश, केन्या, घाना, तंजानिया और नाइजीरिया के नागरिक शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया है कि वर्तमान में किसी भी घायल की स्थिति गंभीर नहीं है।
शहर के लोगों ने परिवार के प्रति जताई संवेदना
रजा अली इमाम की मौत से जमशेदपुर में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने उन्हें मेहनती, जिम्मेदार और परिवार के प्रति समर्पित व्यक्ति बताया। बेहतर भविष्य और परिवार की खुशहाली के लिए विदेश में कार्यरत रजा की असमय मृत्यु ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
शहरवासी और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। लोगों का कहना है कि यह हादसा विदेशों में काम करने वाले हजारों भारतीय श्रमिकों के सामने मौजूद जोखिमों की एक दर्दनाक याद दिलाता है।
