चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। भोजन की तलाश में हाथी ग्रामीण इलाकों में घुसकर घरों और अनाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सोमवार देर रात एक सिंगल जंगली हाथी ने चांडिल के लावा बहेराडीह और काशीपुर गांव में जमकर उत्पात मचाया। हाथी ने पांच घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया और घरों में रखा धान, चावल समेत अन्य खाद्यान्न भी खा गया। घटना के बाद दोनों गांवों में दहशत का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार, देर रात हाथी अचानक गांव में घुस आया और एक-एक कर कई घरों की दीवारें और छप्पर तोड़ने लगा। घरों में सो रहे लोग जान बचाने के लिए बाहर भागे। हाथी ने घरों में रखा अनाज भी बर्बाद कर दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर और मशाल जलाकर किसी तरह हाथी को गांव से जंगल की ओर खदेड़ा।
लावा बहेराडीह गांव में तरनी महतो, पूर्णचंद महतो और राजीव महतो के घरों को हाथी ने नुकसान पहुंचाया। तरनी महतो के घर में रखा अनाज भी हाथी खा गया। इसके बाद हाथी काशीपुर गांव पहुंचा, जहां उसने दो अन्य घरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिंगल हाथी पिछले कई दिनों से इलाके में सक्रिय है और रात होते ही गांवों में घुसकर तबाही मचा रहा है।
लगातार बढ़ रहे हाथी आतंक से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है। एक ओर लोगों के घर टूट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सालभर के लिए रखा अनाज भी नष्ट हो रहा है। पिछले एक सप्ताह में चांडिल के कई गांवों में एक दर्जन से अधिक घरों को नुकसान पहुंच चुका है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम समय पर नहीं पहुंचती और अब तक प्रभावित लोगों को मुआवजा भी नहीं मिला है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीण रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं और वन विभाग से सुरक्षा व्यवस्था तथा शीघ्र मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
