TEDxBistupur Women 2026: ‘She Leads’ के मंच से गूंजी बदलाव और नेतृत्व की आवाज

जमशेदपुर : सेंटर फॉर एक्सीलेंस (CFE), बिष्टुपुर में आयोजित TEDxBistupur Women कार्यक्रम “She Leads” एक प्रेरणादायक और विचारोत्तेजक आयोजन के रूप में संपन्न हुआ। TEDxBistupur के पाँचवें संस्करण ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि विचारों की शक्ति समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है। कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों, पेशेवरों, गृहिणियों और युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही।

पिछले 15 वर्षों में पूरे देश में TEDx Women जैसे आयोजन अब तक लगभग एक दर्जन ही हुए हैं। ऐसे में पूर्वी भारत का पहला TEDx Women आयोजित करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। इस पहल को सफल बनाने में TEDxBistupur टीम की भूमिका सराहनीय रही।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत संबोधन से हुई, जिसके बाद महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता, तकनीक में नवाचार और नेतृत्व के विभिन्न आयामों पर TED के दिशानिर्देशों के अनुरूप विचार साझा किए गए। पूरे दिन चले इस आयोजन में 9 महिला वक्ताओं ने अपने अनुभवों और सोच के माध्यम से श्रोताओं को गहराई से प्रभावित किया।

टेम्सुतुला इमसोंग ने स्वच्छता और “स्वच्छाग्रही” की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि छोटे प्रयास भी बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकते हैं। विनी भगत ने “The Mountain Within” के माध्यम से यह संदेश दिया कि जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई हमारे भीतर होती है और आत्मविश्वास ही उसे जीतने की कुंजी है।

गीतिका आनंद गुप्ता ने उद्यमिता की यात्रा में “Five P’s” के माध्यम से योजना, धैर्य और निरंतरता के महत्व को सरल और प्रभावशाली ढंग से समझाया। पारुल सिंह ने अपने प्रभावशाली वक्तव्य में “Why the Tortoise Wins” की अवधारणा के माध्यम से यह बताया कि जीवन में सफलता तेज़ी से नहीं, बल्कि रणनीति, धैर्य और निरंतर प्रयास से प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि “डर स्वाभाविक है, लेकिन पीछे हटना एक विकल्प है” और वास्तविक साहस भय के बावजूद आगे बढ़ते रहने में है। उनका संदेश—“Still, I Proceed”—ने श्रोताओं को गहराई से प्रेरित किया।

ऋतु माथुर ने जीवन के कठिन और टूटने वाले क्षणों को नई शुरुआत के रूप में देखने का दृष्टिकोण दिया। डॉ. समिता भट्टाचार्जी ने सजगता के साथ प्रतिक्रिया देने और परिस्थितियों को समझकर निर्णय लेने की आवश्यकता पर बल दिया।

शिखा जैन ने संसाधनों को केवल वस्तु नहीं, बल्कि स्वतंत्रता और सशक्तिकरण के माध्यम के रूप में देखने की सोच प्रस्तुत की, वहीं गरिमा मिश्रा ने जोखिम लेने, स्वयं पर विश्वास रखने और सीमाओं से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

सभी वक्ताओं के विचारों ने न केवल उपस्थित श्रोताओं को प्रेरित किया, बल्कि यह विश्वास भी मजबूत किया कि जब ये TEDx वार्ताएँ वैश्विक मंच पर साझा होंगी, तो वे व्यापक स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने में सक्षम होंगी।

कार्यक्रम का समापन आभार ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर TEDxBistupur टीम ने आगामी मई माह में एक और बड़े आयोजन की घोषणा भी की, जिसमें 10 से अधिक परिवर्तनकर्ताओं को आमंत्रित किया जाएगा।

यह आयोजन एक कार्यक्रम से बढ़कर एक सशक्त आंदोलन के रूप में उभरा, जिसने यह संदेश दिया कि जब महिलाएं नेतृत्व करती हैं, तो समाज एक नई दिशा, ऊर्जा और संभावनाओं के साथ आगे बढ़ता है।

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