पटमदा : पटमदा प्रखंड की काश्मार पंचायत अंतर्गत गोलकाटा गांव की तीन किमी ग्रामीण सड़क इन दिनों अपना अस्तित्व खो चुकी है। 2014 में करोड़ो की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित सड़क से कालीकरण की परत पूरी तरह उखड़ चुकी है और सड़क पर सिर्फ पत्थर दिखाई देने लगा है। करीब 12 साल बीत जाने के बाद भी आज तक न तो सड़क की मरम्मत की गई है और न ही पुननिर्माण के लिए किसी तरह का प्रयास किया गया है।
इसके कारण गोलाकाटा गांव समेत आसपास के ग्रामीणों में विभागीय अधिकारियों के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। सड़क पर कई जगह बड़े-बड़े गढ्ढे भी बन गए हैं। बरसात के मौसम में गढ्ढे में पानी जमा हो जाता है और बाद में कीचड़ में तब्दील हो जाता है।
पथरीली सड़क पर छोटे-छोटे स्कूली बच्चों, किसान व मजदूरों का रोज़ाना आवागमन में परेशानी हो रही है। सबसे अधिक परेशानी तो बरसात के मौसम में एक से दो महीने तक होती है। इस सड़क से गोलकाटा व बालियागोड़ा के सैकड़ों लोग काटिन बाजार व पटमदा प्रखंड मुख्यालय आना जाना करते हैं।
सड़क के निर्माण के लिए ग्रामीणों ने हाल ही में संबंधित मुखिया को मांग पत्र भी सौंपा है। गांव के राजेश कुंभकार, सूरज महतो ने बताया कि सड़क की मरम्मत नहीं होने से गांव में कोई बीमार हो जाने पर उन्हें लाने के चार पहिया वाहन वाले जाने से कतराते हैं। ग्रामीणों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत करवाने की मांग की है।
काबिलेतारीफ यह कि स्थानीय विधायक, सांसद या प्रशासन को इस समस्या से कोई सरोकार नहीं है। ऐसा भी नहीं है प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है।
