खामनेई की मौत के बाद अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को मिली ईरान की कमान
तेहरान: अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद अयातुल्ला अलीरेजा को ईरान की कमान मिली है। अयातुल्ला अलीरेजा अराफी को ईरान का अंतरिम सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। वह अभी गार्डियन काउंसिल के सदस्य हैं। वह राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और मुख्य न्यायाधीश के साथ मिलकर तब तक देश का कार्यभार संभालेंगे जब तक ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ नए स्थाई सर्वोच्च नेता का चुनाव नहीं कर लेती।
ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खामेनेई की मौत के बाद केन्द्रीय नेतृत्व में एक खालीपन पैदा हो गया है और उन्हें एक ‘जूरिस्ट’ सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। वह राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन और मुख्य न्यायाधीश के साथ मिलकर तब तक देश का कार्यभार संभालेंगे जब तक ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ नए स्थाई सर्वोच्च नेता का चुनाव नहीं कर लेती।
इजरायल ने शनिवार खामेनेई को निशाना बनाकर भयानक हमले किए थे जिसमें उनकी मौत हो गई थी। अयातुल्ला अलीरेजा को उस वक्त कार्यभार मिले हैं जब ईरान पर इजरायल और अमेरिका ने मिलकर हमला किया हुआ है। खामेनेई को मारने के लिए इजरायल ने 30 से ज्यादा बम उनके राष्ट्रपति आवास पर गिराए थे। ईरान की सरकार ने आज सुबह खामेनेई की मौत की जानकारी सार्वजनिक की है।
कौन हैं अयातुल्ला अलीरेजा ?
अयातुल्ला अलीरेजा का जन्म ईरान के मेयबोद (यज्द प्रांत) में 1959 में हुआ था। वह एक वरिष्ठ शिया मौलवी हैं और ईरान की सबसे शक्तिशाली संस्था गार्जियन काउंसिल और असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के सदस्य रहे हैं।
वह ईरान के सेमिनरी (मदरसों) के प्रमुख रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मशहूर अल-मुस्तफा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर भी रह चुके हैं। उन्हें मारे गये सुप्रीम लीडर खामेनेई का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता था। लेकिन ये भी अपनी कट्टरपंथी सोच के लिए कुख्यात हैं। वो इस्लामी सभ्यता के विस्तार के प्रबल समर्थक हैं। उन्हें खामेनेई के बाद लंबे समय से उनके उत्तराधिकारी की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा था।
