जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने दी पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता को सीधी चुनौती
जमशेदपुर। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने बन्ना गुप्ता को सीधी चुनौती देते हुए कहा है कि बन्ना गुप्ता उनसे आमने-सामने बैठ कर बहस करें और बताएं कि अपने कार्यकाल में उन्होंने क्या किया था और सरयू राय ने एक साल में क्या किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि वह यह भी बताएंगे कि इसके पहले जब वह जमशेदपुर पश्चिम के विधायक थे, तब उन्होंने कौन-कौन से कार्य किये। अगर बन्ना गुप्ता में हिम्मत है तो मीडिया में आएं और बहस करें। सरयू राय ने यह भी आरोप लगाया कि बन्ना गुप्ता ने न्यू पुरुलिया रोड पर भी अवैध निर्माण कराया है। एक अस्पताल के निर्माण में भी उनकी भूमिका है। अगर अवैध निर्माण कराना ही बन्ना की नजरों में खिदमत है तो ऐसी खिदमत उन्हें मुबारक हो।
सोशल मीडिया पर सरयू राय ने कहा कि अब ये साफ हो गया है कि मानगो नगर निगम का चुनाव सुधा गुप्ता नहीं बल्कि मेयरपति का चुनाव पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता लड़ रहे हैं। बीते सोमवार को बन्ना गुप्ता ने आजादनगर में कहा था कि अगर सुधा जीत जाती हैं तो वह (बन्ना गुप्ता) उनकी खिदमत करेंगे।
सरयू राय ने कहा कि आचार संहिता के हिसाब से यह उचित है अथवा नहीं, यह देखना चाहिए। प्रशासन इसका संज्ञान ले रहा है या नहीं, पता नहीं। एक पूर्व मंत्री अपनी पत्नी को ढाल बना कर, पीछे रख कर चुनाव लड़ रहा है और कह रहा है कि वह आपका सारा काम करवाएगा, सारी सुविधाएं दिलवाएगा। बन्ना गुप्ता को पता ही नहीं कि मेयर का अधिकार अत्यंत सीमित होता है और नगर निगम का सारा अधिकार चीफ इक्जीक्यूटिव अफसर या उप नगर आयुक्त में निहित होता है।
सरयू राय ने कहा कि सुधा गुप्ता मानगो नगर निगम का चुनाव लड़ सकें, इसके लिए बन्ना गुप्ता ने सुधा गुप्ता का पता लोट्स रेजीडेंसी के नाम पर दर्ज करवाया। क्या यह आश्चर्यजनक नहीं कि पति कदमा में और पत्नी मानगो में रहें?
लोटस रेजीडेंसी बन्ना गुप्ता के चचेरे साले चंदन मित्तल ने बनवाया है। नागरिकों के अनुसार, यह अवैध भवन है। इसका नक्शा पास नहीं है। यहां से निकलने वाला जल-मल पड़ोस में ही फैल जाता है।
लोग परेशान हैं। इसे रोकने के लिए आंदोलन भी किया गया। कोई असर नहीं हुआ। मंत्री रहते उन्होंने कुछ होने न दिया। एक सेवानिवृत्त सज्जन ने बताया कि उस भवन का जल-मल उनके घर में घुस आता है। लोगों ने बताया कि चूंकि यह भवन उनके चचेरे साले ने बनवाया, इसलिए इसमें बन्ना गुप्ता का भी शेयर होगा! बन्ना गुप्ता को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
सरयू राय ने कहा कि बन्ना गुप्ता लगातार यह अफवाह फैला रहे हैं कि मानगो में, मुस्लिम बस्तियों में जो भी काम हुए, वो बन्ना गुप्ता ने ही करवाए। चुनाव जीतने के बाद उन्होंने (सरयू राय) कुछ नहीं किया है। पेयजल, पावरग्रिड, ट्रांसफार्मर लगाने जैसे काम उन्होंने (सरयू राय) किये और बन्ना गुप्ता अब उसका श्रेय लेना चाहते हैं।
जमशेदपुर पस्चिम के विधायक ने कहा कि उन्हें विधायक बने अभी साल भर हुआ है। साल भर में उन्होंने विधायक निधि से 138 योजनाएं मानगो नगर निगम क्षेत्र में ली हैं। ये 138 योजनाएं हिंदू-मुस्लिम, दोनों ही इलाके में हैं।
इन पर काम चल रहा है। नगर विकास के फंड से 84 योजनाएं चल रही हैं। 15वें वित्त आयोग से एक दर्जन से ज्यादा योजनाएं हैं जिनका शिलान्यास हो चुका है। इसकी जानकारी बन्ना गुप्ता को नहीं है। वह कुछ भी बोल दे रहे हैं।
मानगो के जो चार बड़े नाले हैं, उनकी सफाई, मरम्मत, पीसीसी करने का एस्टीमेट चार माह पहले नगर निगम ने विभाग, रांची को भेज रखा है। वहां पेंडिंग हैं। छह योजनाएं हैं जिनमें नित्यानंद कालोनी की जलजमाव की समस्या और जवाहरनगर इलाके से गंदगी साफ करने की योजना है, इसका भी एस्टीमेट राज्य सरकार को 10 माह पहले ही भेजा जा चुका है। जहां तक लाइटों की मरम्मत नहीं होने की बात है तो इसके लिए ठेकेदार जिम्मेदार हैं। मानगो में एक हजार लाइट लगाने के लिए प्रस्ताव बना कर रांची भेजा गया है जो अभी तक पेंडिंग है। बन्ना अफवाह फैला रहे हैं कि मानगो में साल भर में कोई काम नहीं हुआ है।
सरयू राय ने कहा कि बन्ना गुप्ता के ओएसडी गुड्डू सिंह ने आदिवासी जमीन पर बहुमंजिला इमारत तब बनाई, जब बन्ना गुप्ता मंत्री थे। कई लोगों ने इस मामले को उठाया लेकिन नगर निगम ने कुछ किया नहीं। इन्हीं अवैध निर्माणों को संरक्षण देने के लिए बन्ना मेयरपति बन कर चीजें ठीक करना चाहते हैं।
कहा कि बन्ना गुप्ता ने गलतबयानी की कि मैंने कहा है कि मुस्लिम इलाकों से मुझे वोट नहीं मिलता, इसलिए मैं मुसलमानों का काम नहीं करूंगा। सच यह है कि वह वहां जाते हैं और कहते हैं कि आपने मुझे वोट नहीं दिया है, फिर भी मैं आपका भी विधायक हूं। जो भी योजनाएं विधायक निधि या जिला योजना निधि से आएंगी, करने लायक होंगी तो वह उन योजनाओं को आपके इलाके में भी लागू करवाएंगे।
पिछले साल कपाली से सटे इलाके में जब जल जमाव हुआ तो वह कई बार गये और जलजमाव खत्म करवाने में सहयोग किया। बन्ना गुप्ता अफवाह उड़ा रहे हैं कि वह मुस्लिम इलाके में काम नहीं करते। यह उनकी साजिश का एक अंग है। वह इसकी निंदा करते हैं। लगता है, बन्ना गुप्ता हताश हो गए हैं। हताश व्यक्ति ही अल-बल बकता है।
उप नगर आयुक्त पत्र, लोटस रेसीडेंसी की वैधता की जाँच कराएं
उधर, मानगो नगर निगम के उप नगर आयुक्त को लिखे पत्र में सरयू राय ने लोटस रेसीडेंसी के निर्माण की वैधता की जाँच करने तथा उसमें जल-मल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण आम नागरिकों को हो रही परेशानी के संबंध में पत्र लिखा है।
पत्र में सरयू राय ने लिखा है कि लोटस रेजीडेंसी को मानगो नगर निगम में कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी सुधा गुप्ता ने अपने नामांकन दस्तावेज में अपना निवास बताया है। जानकारी है कि यह लोटस रेसीडेंसी बहुमंजिला इमारत अवैध रूप से बनायी गयी है। इसका नक्शा पास नहीं है तथा इससे निकलने वाला जल-मल कहाँ जाएगा, इसकी भी व्यवस्था नहीं है। फिर भी इसका अवैध निर्माण नगर निगम ने रोका नहीं।
पत्र के अनुसार, सुमन मेमोरियल ट्रस्ट के मधुकर जी की जमीन पर पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के चचेरे साले चंदन मित्तल ने इस लोटस रेसीडेंसी को बनाया है। इस भवन में बन्ना गुप्ता की कितनी हिस्सेदारी है, यह नहीं मालूम, परंतु आस-पास के लोग इस भवन को उनका ही भवन मानते हैं। इस लोटस रेसीडेंसी के समीपवर्ती मकानों रहने वाले लोगों ने इसके बारे में मानगो नगर निगम के पास कई बार शिकायतें की हैं, धरना प्रदर्शन भी किया है।\
लोटस रेसीडेंसी से निकलने वाला सीवरेज का गंदा पानी परिसर से होते हुए सामने खाली पड़ी जमीन पर जाता है और वहाँ से पसर कर बीएसएनएल के सेवानिवृत अधिकारी चन्द्रशेखर सिंह के घर में हमेशा घुसते रहता है। बरसात में तो वहां नरक की स्थिति बन जाती है। आश्चर्य है कि मानगो नगर निगम क्षेत्र में नगर निगम के अधिकारियों की पूरी जानकारी में लोटस रेसीडेंसी के नाम से एक आलीशान भवन बना हुआ है, जिसमें सीवरेज ट्रीटमेंट की कोई व्यवस्था नहीं है और वहाँ से निकलने वाला मल-मूत्र युक्त पानी मोहल्ले में पसर जाता है जो पड़ोसी नागरिकों की परेशानी का कारण बनता है।
राय ने लिखा कि यह जांच का विषय है कि स्थानीय नागरिकों के बार बार शिकायत करने के बाद भी इस अवैध भवन पर नगर निगम ने कोई कारवाई क्यों नहीं की और वहां से निकलने वाले जल-मल के निकासी की कोई व्यवस्था क्यों नहीं कराया? क्या मानगो नगर निगम ने इस कारण से इस भवन पर कोई कारवाई नहीं किया है कि पिछले पाँच वर्ष तक बन्ना गुप्ता राज्य सरकार में मंत्री रहे हैं और इसमें उन्होंने अपनी पत्नी और मानगो मेयर चुनाव के प्रत्याशी श्रीमती सुधा गुप्ता का आवास बनाया है? श्री राय ने उप नगर आयुक्त से लोटस रेसीडेंसी की वैधता की जाँच कराने का आग्रह किया है।
दोनों नेताओं की सियासी जंग का नतीजा क्या होगा, यह देखने वाली बात होगी। वैसे भी इससे पहले पूर्व मंत्री विधानसभा चुनाव में परास्त हो चुके हैं। अब नगर निगम चुनाव के परिणाम का दोनों नेताओं के साथ-साथ क्षेत्र की जनता को भी इंतजार है।
वैसे “प्रेम, युद्ध और राजनीति में सब जायज है” (All is fair in love, war, and politics) एक प्रसिद्ध कहावत है, जिसका अर्थ है कि अपने लक्ष्यों को पाने के लिए नैतिकता या नियमों की सीमाएं नहीं होतीं। यह मुहावरा अक्सर कूटनीति, छल, या स्वार्थ को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जहाँ मुख्य उद्देश्य जीतना होता है।
