गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पद्म पुरस्कारों की घोषणा, 131 विभूतियों को सम्मान, शिबू सोरेन को पद्म भूषण
Padma Awards : 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या (2026) भारत सरकार ने पद्म पुरस्कारों की घोषणा की, जिसमें कुल 131 विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष की सूची में 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं। अभिनेता धर्मेंद्र (मरणोपरांत) को पद्म विभूषण, अलका याग्निक और शिबू सोरेन को पद्म भूषण, और क्रिकेटर रोहित शर्मा-हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान कला, समाज कार्य, चिकित्सा, और खेल जैसे विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए दिया जा रहा है। सूची में 19 महिलाएं और 16 मरणोपरांत पुरस्कार भी शामिल हैं, जो देश की विविधता को दर्शाते हैं।
शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण देने की घोषणा
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने इससे पहले शिबू सोरेन को भारत रत्न देने की भी मांग की थी, लेकिन उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित करने का फैसला लिया गया है। झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण देने की घोषणा की गई है. उन्हें लोक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए इस अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा.
4 अगस्त 2025 को शिबू सोरेन का हुआ था निधन
मालूम हो कि कि 4 अगस्त 2025 को झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन का निधन हुआ था. दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में उनका इलाज किया जा रहा था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली थी. शिबू सोरेन, जिन्हें ‘दिशोम गुरु’ के नाम से भी जाना जाता था, झारखंड की राजनीति के एक मजबूत स्तंभ रहे हैं.
शिबू सोरेन ने आदिवासियों के हक के लिए लड़ी लड़ाई
शिबू सोरेन ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के बैनर तले आदिवासियों के हक और अधिकार के लिए कड़ा संघर्ष किया था. उनका जन्म हजारीबाग में 11 जनवरी 1944 को हुआ था. उस वक्त हजारीबाग बिहार का ही हिस्सा था. उन्हें दिशोम गुरु और गुरुजी के नाम से जाना जाता है. उन्होंने आदिवासियों के शोषण के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी थी.
दिशोम गुरु का राजनीतिक सफर
शिबू सोरेन साल 1977 में पहली बार चुनाव मैदान में उतरे थे, लेकिन हार का मुंह देखना पड़ा था. हालांकि, 1980 से वह लगातार कई बार सांसद चुने गए. बिहार से अलग राज्य ‘झारखंड’ बनाने के आंदोलन में भी उनकी अहम भूमिका रही. वे तीन बार साल 2005, साल 2008 और साल 2009 में झारखंड के मुख्यमंत्री बने, लेकिन एक बार भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सके.
वो लोकसभा के साथ ही राज्यसभा के भी मेंबर रहे थे. उन्होंने केंद्र की यूपीए सरकार में मंत्री के तौर पर भी काम किया. स्वास्थ्य खराब रहने की वजह से उन्होंने धीरे-धीरे एक्टिव पॉलिटिक्स से दूरी बना ली थी और बेटे हेमंत सोरेन को पार्टी संभालने की जिम्मेदारी सौंपी थी.
शिक्षा पर काम करने वाले इन लोगों को मिले पद्म पुरस्कार
शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई लोगों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है. इस सूची में ओडिशा के चरण हेंबराम का नाम भी शामिल है, जो संथाली भाषा और पारंपरिक नृत्य को बचाए रखने का काम कर रहे हैं.
हर साल की तरह इस साल भी गणतंत्र दिवस से ठीक पहले पद्म पुरस्कारों का ऐलान हुआ है. समाज में अलग-अलग क्षेत्र में शानदार काम कर अपना योगदान देने वाले लोगों को ये प्रतिष्ठित पुरस्कार दिए जाते हैं. ये सिर्फ कोई मेडल या फिर उपाधि नहीं है, बल्कि ये उनकी पहचान और काम को दुनिया तक पहुंचाने का एक जरिया बन जाता है. इस बार 40 से ज्यादा लोगों का नाम इस लिस्ट में शामिल है, साथ ही वो लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया और लगातार इस पर काम कर रहे हैं.
ओडिशा के चरण हेंबराम (Charan Hembram)
ओडिशा के रहने वाले चरण हेंबराम को भी पद्मश्री से सम्मानित किया गया है. वो संथाली भाषा के लेखक और इस पर काम करने वाले लोगों की लिस्ट में सबसे ऊपर आते हैं. उन्होंने ओडिशा में कई संस्थान खोले हैं, जहां ट्राइबल कल्चरल एजुकेशन को बढ़ावा दिया जाता है और इसे सिखाया जाता है. पिछले करीब 30 सालों से वो ऐसे पारंपरिक नृत्य भी बच्चों को सिखा रहे हैं, जो लुप्त होने की कगार पर हैं.
गंभीर सिंह योंजोन
पश्चिम बंगाल के गंभीर सिंह योंजोन को लिटरेचर और एजुकेशन के क्षेत्र में काम करने के लिए पद्मश्री दिया गया है. वो दार्जलिंग में पिछले करीब 40 से ज्यादा सालों से अकेडमिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम कर रहे हैं. साथ ही पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए कई तरह के काम करते हैं. उन्होंने लाइब्रेरी और हायर सेकेंडरी स्कूल के लिए अपनी जमीन दान कर दी.
पद्म पुरस्कार पाने वालों की सूची
पद्म विभूषण-
धर्मेंद्र सिंह देओल (मरणोपरांत) (कला)
केटी थॉमस (सार्वजनिक मामलों)
एन राजम (कला)
पी नारायणन (साहित्य और शिक्षा)
वी एस अच्युतानंदन (मरणोपरांत) (सार्वजनिक मामलों)
पद्म भूषण-
शिबू सोरेन (मरणोपरांत) (सार्वजनिक मामलों)
अल्का याग्निक (कला)
भगत सिंह कोश्यारी (सार्वजनिक मामलों)
कल्लीपट्टी रामासामी पलानीस्वामी (चिकित्सा)
ममूटी (कला)
डॉ. नोरी दत्तात्रेयुडु (चिकित्सा)
पीयूष पांडेय (मरणोपरांत) (कला)
एस के एम मैइलानंदन (सामाजिक कार्य)
शतावधानी आर गणेश (कला)
उदय कोटक (व्यापार और उद्योग)
वीके मल्होत्रा (मरणोपरांत) (सार्वजनिक मामलों)
वेल्लप्पल्ली नटेसन (सार्वजनिक मामलों)
विजय अमृतराज (खेल)
पद्म श्री-
ए ई मुथुनायगम (विज्ञान और इंजीनियरिंग)
अनिल कुमार रस्तोगी (कला)
अंके गौड़ा एम. (सामाजिक कार्य)
आर्मिडा फर्नांडीज (चिकित्सा)
अरविंद वैद्य (कला)
अशोक खड़े (व्यापार और उद्योग)
अशोक कुमार सिंह (विज्ञान और इंजीनियरिंग)
अशोक कुमार हलदर (साहित्य और शिक्षा)
बलदेव सिंह (खेल)
भगवानदास रायकवार (खेल)
भरत सिंह भारती (कला)
भिकल्या लाडक्या धिंडा (कला)
विश्व बंधु (मरणोपरांत) (कला)
बृज लाल भट्ट (सामाजिक कार्य)
बुद्ध रश्मि मणि (अन्य- पुरातत्त्व)
बुधरी ताती (सामाजिक कार्य)
चंद्रमौली गद्दामनगु (विज्ञान और इंजीनियरिंग)
चरण हेमब्रम (साहित्य और शिक्षा)
चिरंजी लाल यादव (कला)
दीपिका रेड्डी (कला)
धार्मिकलाल चुनीलाल पंड्या (कला)
गड्डे बाबू राजेंद्र प्रसाद (कला)
गफरूद्दीन मेवाती जोगी (कला)
गंभीर सिंह योन्जोन (साहित्य और शिक्षा)
गरिमेला बालकृष्ण प्रसाद (मरणोपरांत) (कला)
गायत्री बालासुब्रमण्यम और रंजनी बालासुब्रमण्यम (कला)
गोपाल जी त्रिवेदी (विज्ञान और इंजीनियरिंग)
गुडुरु वेंकट राव (चिकित्सा)
एच वी हांडे (चिकित्सा)
हैली वार (सामाजिक कार्य)
हरि माधव मुखोपाध्याय (मरणोपरांत) (कला)
हरिचरण सैकिया (कला)
हरमनप्रीत कौर भुल्लर (खेल)
इंदरजीत सिंह सिद्धू (सामाजिक कार्य)
जनार्दन बापूराव बोथे (सामाजिक कार्य)
जोगेश देउरी (अन्य- कृषि)
जूजर वासी (विज्ञान और इंजीनियरिंग)
ज्योतिष देबनाथ (कला)
के पजनीवेल (खेल)
के रामासामी (विज्ञान और इंजीनियरिंग)
के विजय कुमार (सिविल सेवा)
कविंद्र पुरकायस्थ (सार्वजनिक मामलों)
कैलाश चंद्र पंत (साहित और शिक्षा)
कलामंडलम विमला मेनन (कला)
केवल कृष्ण ठकराल (चिकित्सा)
खेम राज सुंदरियाल (कला)
कोल्लकल देवकी अम्मा जी (सामाजिक कार्य)
कृष्णमूर्ति बालासुब्रमण्यम (विज्ञान और इंजीनियरिंग)
कुमार बोस (कला)
कुमारसामी थंगराज (विज्ञान और इंजीनियरिंग)
प्रो. (डॉ.) लार्स-क्रिश्चियन कोच (कला)
ल्यूडमिला विक्टोरोवना खोखलोवा (साहित्य और शिक्षा)
माधवन रंगनाथन (कला)
मगंती मुरली मोहन (कला)
महेंद्र कुमार मिश्रा (साहित्य और शिक्षा)
महेंद्र नाथ रॉय (साहित्य और शिक्षा)
मामिदला जगदीश कुमार (साहित्य और शिक्षा)
मंगला कपूर (साहित्य और शिक्षा)
मीर हाजीभाई कासमभाई (कला)
मोहन नागर (सामाजिक कार्य)
नारायण व्यास (अन्य- पुरातत्त्व)
नरेश चंद्र देव वर्मा (साहित्य और शिक्षा)
नीलेश विनोदचंद्र मांडलेवाला (सामाजिक कार्य)
नुरुद्दीन अहमद (कला)
ओथुवर थिरुथानी स्वामीनाथन (कला)
डॉ. पद्मा गुरमेट (चिकित्सा)
पालकोंडा विजय आनंद रेड्डी (चिकित्सा)
पोखिला लेकथेपी (कला)
डॉ. प्रभाकर बसवप्रभु कोरे (साहित्य और शिक्षा)
प्रतीक शर्मा (चिकित्सा)
प्रवीण कुमार (खेल)
प्रेम लाल गौतम (विज्ञान और इंजीनियरिंग)
प्रसेनजीत चटर्जी (कला)
डॉ. पुनिया मूर्ति नटेसन (चिकित्सा)
आर कृष्णन (मरोपरांत) (कला)
आर वी एस मणि (सिविल सेवा)
रबिलाल टुडू (साहित्य और शिक्षा)
रघुपत सिंह (अन्य- कृषि)
रघुवीर तुकाराम खेडकर (कला)
राजस्थपति करिअप्पा गौंडर (कला)
राजेंद्र प्रसाद (चिकित्सा)
रामा रेड्डी मामिडी (मरणोपरांत) (अन्य- पशुपालन)
राममूर्ति श्रीधर (अन्य- रेडियो ब्रॉडकास्टिंग)
रामचन्द्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले (चिकित्सा)
रतिलाल बोरिसागर (साहित्य और शिक्षा)
रोहित शर्मा (खेल)
एस जी सुशीलाम्मा (सामाजिक कार्य)
सांग्युसांग एस पोंगेनर (कला)
निरंजन दास (अन्य- अध्यात्म)
सरत कुमार पात्रा (कला)
सरोज मंडल (चिकित्सा)
सतीश शाह (मरणोपरांत) (कला)
सत्यनारायण नुवाल (व्यापार और उद्योग)
सविता पूनिया (खेल)
प्रोफेसर शफी शौक (साहित्य और शिक्षा)
शशि शेखर वेमपति (साहित्य और शिक्षा)
श्रीरंग देवबा लाड (अन्य- कृषि)
शुभा वेंकटेश अयंगर (विज्ञान और इंजीनियरिंग)
श्याम सुंदर (चिकित्सा)
सिमांचल पात्रो (कला)
शिवशंकरी (साहित्य और शिक्षा)
डॉ. सुरेश हनागवाड़ी (चिकित्सा)
स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज (सामाजिक कार्य)
टी टी जगन्नाथन (मरणोपरांत) (व्यापार और उद्योग)
तगा राम भील (कला)
तरुण भट्टाचार्य (कला)
टेची गुबिन (सामाजिक कार्य)
तिरुवरुर भक्तवत्सलम (कला)
तृप्ति मुखर्जी (कला)
वीझिनाथन कामकोटि (विज्ञान और इंजीनियरिंग)
वेम्पति कुटुम्ब शास्त्री (साहित्य और शिक्षा)
व्लादिमीर मेस्टविरिश्विली (मरणोपरांत) (खेल)
युमनाम जात्रा सिंह (मरणोपरांत) (कला)

