हिजाब विवाद पर जमकर हो रही सियासत, अब जावेद अख्तर भी कूदे

अब तक गिरिराज सिंह, मंगल पांडेय, तारिक अनवर, राकांपा (एसपी) सांसद फौजिया खान,पीडीपी नेता इल्तिजा मुफ्ती, सांसद इमरान मसूद, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने की टिप्पणी

पटना/दिल्ली : ‘ये महिला पर निर्भर है कि वो सरकारी नौकरी को ठुकरा दे या जहन्नुम में जाए।’ कुछ इस अंदाज में गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार के हिजाब मामले का बचाव किया। गिरिराज सिंह ने कहा कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने तर्क दिया कि अगर कोई नियुक्ति पत्र लेने जा रहा है, तो क्या उसे अपना चेहरा नहीं दिखाना चाहिए? क्या यह कोई इस्लामिक देश है? नीतीश कुमार ने अभिभावक की भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि अगर आप पासपोर्ट बनवाने जाते हैं, तो क्या आप अपना चेहरा नहीं दिखाते? जब आप हवाई अड्डा जाते हैं, तो क्या अपना चेहरा नहीं दिखाते? लोग पाकिस्तान और इंग्लिशस्तान की बातें करते हैं, लेकिन ये भारत है। भारत में कानून का राज है। गिरिराज सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ने सही किया।

हिजाब विवाद मामले पर लगातार बयानबाजी

दरअसल, महिला डॉक्टर का नकाब हटाने को लेकर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लगातार चौथे दिन भी विवादों के घेरे में रहे। एक तरफ जहां केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार के इस बर्ताव का बचाव किया। वहीं, दूसरी तरफ विपक्ष ने बिना शर्त माफी मांगने की मांग की। महिला का नकाब हटाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इसने एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। यह घटना मुख्यमंत्री सचिवालय में हुई, जहां नीतीश कुमार आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र दे रहे थे। जब महिला अपना नियुक्ति पत्र लेने आई, तो नीतीश कुमार ने उसका नकाब देखा और पूछा, ‘यह क्या है?’ इसके बाद उन्होंने नकाब हटा दिया। मुस्लिम महिला चिकित्सक का नकाब हटाने के मामले में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बचाव करते हुए गुरुवार को नया विवाद खड़ा कर दिया।

‘नौकरी नहीं जॉइन करने की जानकारी नहीं’

महिला डॉक्टर की ओर से इस घटना के बाद नौकरी स्वीकार करने से इंकार किए जाने की खबरों पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘वो इंकार करे, या जहन्नुम में जाए। ये उसकी मर्जी है।’ इस बीच, बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा कि उन्हें ऐसी किसी भी खबर की जानकारी नहीं है, जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से सार्वजनिक कार्यक्रम में एक महिला चिकित्सक का नकाब हटाए जाने के बाद उस चिकित्सक ने सरकारी नौकरी में शामिल होने से मना कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता ने ये कहते हुए विवाद पर विराम लगाने का प्रयास किया कि राज्य में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने हमेशा महिला सशक्तीकरण के लिए काम किया है। मंगल पाण्डेय ने कहा, ‘हमारे मुख्यमंत्री ने हमेशा महिलाओं का सम्मान किया है और मातृ शक्ति के सशक्तीकरण के लिए बड़े पैमाने पर प्रयास किए हैं।’

विपक्षी पार्टियों के निशाने पर नीतीश कुमार

इस घटना की कई पश्चिम एशियाई देशों से भी आलोचना हुई है, और जनता दल (यूनाइटेड) अध्यक्ष नीतीश कुमार पर मुस्लिम परंपराओं का अनादर करने के आरोप लग रहे हैं, जो कथित तौर पर आरएसएस एजेंडा के अनुरूप है। बिहार के कटिहार से कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने गिरिराज सिंह और नीतीश कुमार की कड़ी आलोचना की। तारिक अनवर ने कहा, ‘ये निम्न स्तर के लोग हैं, इनकी सोच बहुत घटिया है। वे ये नहीं समझते कि हमारा देश धर्मनिरपेक्ष है। हर किसी को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता है। जो कुछ नीतीश कुमार ने किया वह शर्मनाक और दुखद है।’ राकांपा (एसपी) सांसद फौजिया खान ने भी नीतीश कुमार और गिरिराज सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘ये बेहद दुखद है कि जिम्मेदार लोग ऐसे कृत्य करते हैं, इससे दुनिया को गलत संदेश जाएगा। किसी महिला का यह निजी फैसला होता है कि वो कितना शरीर ढंके और नकाब हटाना किसी महिला को निर्वस्त्र करने के समान है।’ खान ने कहा, ‘उन्हें (नीतीश कुमार) सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय वे कह रहे हैं कि जो हुआ वह सही था।’

हिजाब विवाद में जावेद अख्तर भी कूदे

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की नेता इल्तिजा मुफ्ती ने भी गिरिराज सिंह की टिप्पणी को लेकर उन पर निशाना साधा। इल्तिजा मुफ्ती ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘इस आदमी के गंदे मुंह को साफ करने के लिए सिर्फ फिनाइल ही काम आएगा। हमारी मुस्लिम माताओं और बहनों के हिजाब और नकाब को छूने की हिम्मत मत करना। वरना हम मुस्लिम औरतें तुम्हें ऐसा सबक सिखाएंगी जिसे तुम और तुम्हारे जैसे लोग हमेशा याद रखोगे।’ गिरिराज सिंह के बयान के बारे में पूछे जाने पर, कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, ‘उन्हें मानसिक बीमारी का इलाज करवाने की जरूरत है।’ मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने कहा कि ‘पर्दा’ की पारंपरिक अवधारणा के खिलाफ उनके विचार सर्वविदित हैं, लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से एक सार्वजनिक समारोह में महिला का नकाब हटाने की घटना को वो स्वीकार नहीं कर सकते। जावेद अख्तर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वो इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उन्होंने लिखा, ‘जो भी मुझे थोड़ा बहुत भी जानता है, उसे पता है कि मैं पर्दा परंपरा के कितना खिलाफ हूं, लेकिन इसका ये मतलब बिल्कुल नहीं है कि मैं नीतीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम महिला डॉक्टर के साथ किए गए बर्ताव को किसी भी तरह से स्वीकार कर लूं… नीतीश कुमार को उस महिला से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए।’

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मांगा जवाब

हिजाब वाली घटना को लेकर नीतीश कुमार की बढ़ती आलोचना के बीच एमनेस्टी इंटरनेशनल ने एक बयान जारी कर इस कदम को महिला की गरिमा, स्वायत्तता और पहचान पर हमला बताया। वैश्विक मानवाधिकार संगठन ने कहा, ‘जब कोई जनप्रतिनिधि किसी महिला का हिजाब जबरदस्ती खींचता है, तो इससे जनता को यह संदेश जाता है कि ऐसा व्यवहार स्वीकार्य है। इस कृत्य की स्पष्ट निंदा और जवाबदेही होनी चाहिए।’

बहरहाल दलीलें, आरोप-प्रत्यारोप अपनी जगह है लेकिन सनातन धर्म के हिसाब से देखा जाए तो कुछ भी गलत नहीं है लेकिन इस्लाम के हिसाब से तो गलत ही माना जाएगा। वैसे कुछ लोगों की टिप्पणियां लोगों को असहज करने वाली है। देखना है कि यह मामला और कितने दिनों तक सुर्खियों में रहता है।

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