बोकारो स्टील प्लांट परिसर में सुरक्षा को लेकर मॉक ड्रिल, उपायुक्त ने सराहा
बोकारो : बोकारो स्टील प्लांट में लगातार हो रहे हादसे को देखते हुए बोकारो जिला प्रशासन आपदा प्रबंधन विभाग एवं बोकारो स्टील के द्वारा गुरुवार को एक मॉक ड्रिल का आयोजन प्लांट परिसर में किया गया।
इस मॉक ड्रिल में एनडीआरफ,एसडीआरएफ सीआईएसएफ, बोकारो स्टील के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बेहतर समन्वय का परिचय देते हुए एक घंटे के अंदर गैस रिसाव में पीड़ित कर्मियों को बेहतर इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल भेजते हुए गैस रिसाव के मौके पर पहुंची। तीन फायर ब्रिगेड की गाड़ियों के साथ-साथ एलडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम ने काबू पाया।
इस दौरान चार मजदूरों की जान भी गई जबकि कई को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। बोकारो स्टील प्लांट में कई तरह के गैस की आपूर्ति होती है। इसको लेकर यह मॉक ड्रिल आयोजित किया गया था।
उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि सेफ्टी किसी भी प्लांट के ग्रोथ का एक पैमाना बन सकता है। प्लांट के लिए सेफ्टी काफी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर आपके प्लांट में सेफ्टी है तो आपका प्लांट भी बढ़ेगा। उ
न्होंने कहा कि घटना के बाद रिस्पांस कितना जल्दी होता है वह महत्वपूर्ण है। जो बोकारो स्टील में काफी अच्छा है। कई सुझाव भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ की टीम बोकारो से काफी दूर है ।ऐसे में ट्रेनिंग देकर कुछ विशेष तैयारी रखने का प्लान तैयार किया जा रहा है।
एसपी हरविंदर सिंह ने कहा कि हम लोग सिर्फ तैयारी कर सकते हैं। एक्सीडेंट कोई जानकार नहीं होता है यह आकस्मिक होता है। उन्होंने कहा की तैयारी हमारी पूरी रहती है लेकिन उसे हम कितना अच्छे से हैंडल कर सके वह जरूरी है ।इसको लेकर एक इंटरनल बैठक भी आगे होगी जिस पर हम लोग चर्चा करेंगे।
