बिहार ने घुसपैठियों के खिलाफ दिया जनादेश, अमित शाह का बड़ा बयान
भुज। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत देश में घुसपैठियों के खिलाफ जनादेश है, क्योंकि नागरिक कभी भी उन राजनीतिक दलों का समर्थन नहीं करेंगे जो अवैध घुसपैठियों का पक्ष लेते हैं। उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को मतदाता सूची का शुद्धिकरण करार दिया। अमित शाह गुजरात के कच्छ जिले के भुज में आयोजित बीएसएफ के हीरक जयंति (61वां स्थापना दिवस) समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, कुछ राजनीतिक दल चुनाव आयोग के एसआईआर का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि वे चाहते हैं कि घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची में बने रहें।
बीएसएफ देश की हर सीमा पर घुसपैठ रोकने में लगी है। लेकिन कुछ राजनीतिक दल सरकार के घुसपैठ विरोधी अभियान को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। घुसपैठ रोकना न केवल राष्ट्र की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को दूषित होने से बचाने के लिए भी आवश्यक है। अमित शाह ने कहा, मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि हम देश के हर एक घुसपैठिए को बाहर करेंगे। यह हमारा संकल्प है। देश का मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री कौन होगा, इसका फैसला केवल भारत के नागरिक करेंगे। घुसपैठियों को हमारे लोकतंत्र को प्रभावित करने का अधिकार नहीं है। नक्सल क्षेत्रों में बीएसएफ की भूमिका को सराहा केंद्रीय मंत्री ने नक्सल प्रभावित इलाकों में भी बीएसएफ की भूमिका की प्रशंसा की। शाह ने कहा, हम 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल समस्या से मुक्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में बीएसएफ ने 127 नक्सलियों को सरेंडर कराया, 73 को गिरफ्तार किया और 22 को ढेर किया। ई-बॉर्डर सिक्योरिटी की जानकारी दी अमित शाह बताया कि सरकार ई-बॉर्डर सिक्योरिटी लागू करने जा रही है और इसका ट्रायल पूरा हो चुका है। इसमें बीएसएफ की प्रमुख भूमिका रही है। हालांकि, उन्होंने इसका विस्तृत विवरण नहीं दिया।
