बिहार में जमकर हुई वोटिंग, 1951 से अब तक का टूटा रिकॉर्ड; मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने दी बधाई
पटना : मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने बिहार के मतदाताओं को विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 1951 के बाद से हुए सबसे अधिक मतदान के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने बड़े उत्साह और जोश के साथ मतदान कर निर्वाचन आयोग में अपना पूर्ण विश्वास प्रकट किया है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने इस अवसर पर बिहार में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े समस्त अधिकारियों और कर्मियों को भी धन्यवाद दिया, जिन्होंने पूरी पारदर्शिता और निष्ठा के साथ मतदान कार्य संपन्न कराया।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने बताया कि शाम तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 3.75 करोड़ मतदाताओं में करीब 64.46 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है, जो कि अभी तक का सर्वाधिक मतदान प्रतिशत है।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, बिहार विधानसभा चुनाव के इतिहास में सबसे कम मतदान प्रतिशत वर्ष 1951-52 के विधानसभा चुनाव में 42.6 फीसदी दर्ज किया गया था।
सके बाद 1957 में मतदान प्रतिशत 43.24 रहा, जबकि 1962 में यह बढ़कर 44.47 प्रतिशत हुआ। 1967 से मतदान प्रतिशत में निरंतर बढ़ोतरी देखी गई, जहां यह आंकड़ा 51.51 फीसदी तक पहुंच गया। 1977 में मतदान मामूली गिरावट के साथ 50.51 फीसदी रहा, लेकिन 1980 से एक बार फिर इसमें वृद्धि देखने को मिली और मतदान प्रतिशत 57.28 हो गया।
इसके बाद 1985 में 56.27, 1990 में 62.04 और 1995 में 61.79 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। वर्ष 2000 में सबसे अधिक 62.57 फीसदी मतदान दर्ज हुआ, जो अब तक का रिकॉर्ड था। वर्ष 2005 में दो बार हुए विधानसभा चुनावों में फरवरी और अक्टूबर में क्रमशः 46.5 और 45.85 प्रतिशत मतदान हुए। 2010 में मतदान 52.73 प्रतिशत रहा, जबकि 2015 में यह बढ़कर 56.91 और 2020 में 57.29 प्रतिशत दर्ज किया गया।
