भक्ति में डूबा जमशेदपुर, गुरु नानक देव की जयंती पर निकला भव्य नगर कीर्तन
जमशेदपुर, रांची : : गुरु नानक देव जी के 556 वें प्रकाश पर्व के मौके पर जमशेदपुर में सिख समुदाय की ओर से नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। इस नगर कीर्तन में भारी संख्या में सिख समुदाय के लोग शामिल हुए।

सोनारी गुरुद्वारा से निकला नगर कीर्तन साकची गुरुद्वारा साहिब पहुंचा। रास्ते में जगह- जगह नगर कीर्तन का जोरदार स्वागत किया गया। वहीं नगर कीर्तन में शामिल गुरुद्वारा कमेटियों एवं स्कूली छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक करतब दिखाए। किसी जुलूस से गुरबानी तो कहीं अरदास के शोर से पूरा शहर मिनी पंजाब में तब्दील रहा।
नगर कीर्तन में शामिल भाजपा नेता अमरप्रीत सिंह काले ने राज्य के लोगों को गुरु पर्व की शुभकामनाएं दी। साथ ही गुरु नानक देव जी के बताए आदर्शो को जीवन में आत्मसात कर संकल्प लेने की अपील की। वहीं सीजीपीसी के पूर्व प्रमुख सरदार शैलेंद्र सिंह ने भी प्रकाश पर्व के मौके पर शहर वासियों को शुभकामनाएं दी। साथ ही इतने वृहद आयोजन के सफल संचालन के लिए गुरुद्वारा कमेटियों एवं पुलिस प्रशासन के प्रति आभार जताया।
दूसरी ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन व विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन बुधवार को गुरुनानक स्कूल परिसर, पी०पी० कंपाउंड रांची में गुरुनानक जयंती के अवसर पर आयोजित “प्रकाश उत्सव” में शामिल हुए। श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के शुभ अवसर पर उन्होंने सभी को लख-लख बधाइयां दीं।
1943 में निकला था जमशेपुर में पहला नगर कीर्तन, 81 वर्ष पुराना है इतिहास
इतिहास पर नजर डालें जमशेदपुर में पहली बार नगर कीर्तन सन 1943 में निकाला गया था। नगर कीर्तन शोभायात्रा के कुल 81 साल हो गए हैं।
सीजीपीसी के चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह और महासचिव अमरजीत सिंह ने पिछले वर्ष जानकारी दी थी कि पहले पहल केवल सिखों के प्रथम गुरु नानक देव जी महाराज के प्रकाशपर्व पर ही नगर कीर्तन निकाला जाता था और उस वक़्त सीजीपीसी के अंतर्गत केवल 22 गुरूद्वारे थे।
समय के साथ नगर कीर्तन की लोगप्रियता बढ़ती गई और लोगों की आपार धार्मिक भावनाओं की कद्र करते हुए 1947 को दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के जन्म दिहाड़े पर भी नगर कीर्तन निकालने की परंपरा शुरू हो गई। और तब से प्रति वर्ष धूमधाम से निकलता है नगर कीर्तन।
