सरायकेला : सरायकेला-खरसावां पथ के सातवें किलोमीटर पर खप्पर साही के समीप संजय नदी पर बना लगभग 120 मीटर लम्बा आरसीसी पुल का एप्रोच रोड 12 वर्षो बाद भी नहीं बन पाया है ।
नतीजा खरसावां,कुचाई, दलभंगा और उस इलाके के सुदूर देहात से आने वाले हजारों लोगों को जिला मुख्यालय सहित अस्पताल आने-जाने में काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पुल चालू नहीं है इसलिए नीचे बिना गार्ड वाल के बने संकीर्ण रास्ते से प्रतिदिन लोगों को गुजरना पड़ता है। नदी में पानी बढ़ जाने से रास्ता बंद हो जाता है इसलिए आम जनता की समस्या को देखते हुए झारखंड लीगल एडवाइजरी एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन के अध्यक्ष अधिवक्ता ओम प्रकाश ने झारखंड उच्च न्यायालय रांची में जनहित याचिका दायर किया है । याचिका में उक्त पुल के बाकी काम एवं पहुंच पथ का निर्माण अविलम्ब पूरा कराने की मांग की गई है।
जनहित याचिका पर 7 अक्टूबर को माननीय झारखंड उच्च न्यायालय रांची में माननीय मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान एवं जस्टिस राजेश शंकर ने सुनवाई की एवं पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार रजक को 15 दिसंबर तक उसे पूरा करने का निर्देश दिया है। साथ ही अगली तिथि कोर्ट ने 19 दिसंबर 2025 को निर्धारित कर इसकाी पूर्ण रिपोर्ट दाखिल करने का भी निर्देश दिया है। साथ ही यह भी कहा है कि इस एप्रोच सड़क के गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए, यदि जरुरत होगी तो इसकी जाँच का आदेश भी इस न्यायलय के द्वारा दिया जा सकता है।
—क्या था मामला
पथ निर्माण विभाग द्वारा पूल का एप्रोच मार्ग निर्माण हेतु पिछले मार्च महीने में ही निविदा निकाली गई थी और लगभग साढ़े पांच करोड़ की लागत से एप्रोच सड़क का निर्माण करना था.
इसका एकरारनामा 12 मार्च को किया गया था एवं 5 महीने में अर्थात 11 अगस्त 2025 तक कार्य को पूरा करने का समय निर्धारित था। इसकी जानकारी कार्यपालक अभियंता ने अपने शपथ पत्र द्वारा 6 मई 2025 को माननीय उच्च न्यायालय को बताया था। इसके बाद कोर्ट ने काम पूरा करने के निर्धारित समय सीमा दो महीने बाद 7 अक्टूबर को इसकी सुनवाई की तिथि निर्धारित की थी। केस कि पैरवी जालड़ो की ओर से झारखण्ड उच्च न्यायलय में अधिवक्ता मनोज कुमार चौबे कर रहे है।
