जमशेदपुर का टीएमएच कैथ लैब: विश्वस्तरीय हृदय उपचार की एक दशक की सफलता
जमशेदपुर: यदि हम महत्वपूर्ण शोधों से सीख लें, सिद्ध सार्वजनिक स्वास्थ्य हस्तक्षेपों को अपनाएं, और रोकथाम को क्लिनिकल प्रैक्टिस और दैनिक जीवन का हिस्सा बना दें— तो इस हृदय-रोग महामारी की दिशा को बदलना पूरी तरह संभव है।
टाटा मेन हॉस्पिटल (TMH) सदैव चिकित्सा क्षेत्र में अग्रणी रहा है। इसी दृष्टिकोण के तहत इसके हृदय रोग विभाग (कार्डियोलॉजी विभाग) ने समुदाय को उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में कई ठोस पहल की हैं।
इसी क्रम में वर्ष 2015 में ‘कार्डियक कैथेटराइजेशन लैब’ (कैथ लैब) की स्थापना की गई थी।
आज यह गर्व की बात है कि TMH की कैथ लैब ने सफलतापूर्वक 10 वर्षों की यात्रा पूरी कर ली है। इस अवधि में 20,000 से अधिक कार्डियक प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक संपन्न की गईं हैं। इनमें से लगभग 12% जटिल एंजियोप्लास्टीज़ थीं, जैसे:
मल्टी-वेसल डिज़ीज़
गंभीर कैल्सिफाइड लेसियन्स
बाईफ़र्केशन/ट्राईफ़र्केशन लेसियन्स
लेफ्ट मेन कोरोनरी आर्टरी डिज़ीज़
जहां पहले इन जटिल मामलों में या तो सीमित हस्तक्षेप संभव था या फिर बायपास सर्जरी के लिए मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करना पड़ता था, वहीं अब TMH में ही विश्वस्तरीय तकनीकों के माध्यम से उनका इलाज संभव है।
कैथ लैब में अब उपलब्ध हैं अत्याधुनिक तकनीकें जैसे:
इंट्रावेस्कुलर इमेजिंग (IVUS / OCT)
रोटेशनल एथेरेक्टॉमी (Rotablation)
इंट्रावेस्कुलर लिथोट्रिप्सी (IVL)
बाईफ़र्केशन स्टेंटिंग की नवीनतम विधियाँ
इन तकनीकों की मदद से जटिल मामलों में भी बायपास सर्जरी की आवश्यकता को काफी हद तक टाला जा सका है, और कई मरीजों को न्यूनतम इनवेसिव पद्धतियों से ही लाभ मिला है।
यह उपलब्धि केवल संख्यात्मक नहीं है— यह दर्शाती है कि TMH की कैथ लैब अब एक ऐसा चिकित्सा केंद्र बन चुकी है, जो घर के पास ही वैश्विक स्तर की हृदय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। यह एक स्वस्थ और आत्मनिर्भर झारखंड की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
