जमशेदपुर : मंत्री रामदास सोरेन का शव रांची से जमशेदपुर के लिए रवाना कर दिया गया है। दो बजे तक उनका शव डिमना चौक से मानगो पुल होते समाहरणालय के समीप स्थित झामुमो के जिला संपर्क कार्यालय पहुंचेगा। वहां पर पार्टी के सभी प्रमुख नेता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद शव घाटशिला ले जाया जाएगा।
एचसीएल ग्राउंड मऊभंडार में शव को श्रद्धांजलि के लिए रखा जाएगा। वहां से उनकी शव यात्रा घोड़ाबांधा स्थित आवास के लिए निकलेगी। हालांकि वापसी में उनका शव शहर नहीं आकर एनएच-33 से पिपला होते घोड़ाबांधा पहुंच जाएगा। पिपला के बाद लुआबासा में 200 मीटर सड़क कच्ची है जिसे ठीक करने का काम सुबह से युद्ध स्तर पर चल रहा है। साथ ही घोड़ाबांधा से सटे धुमा कॉलोनी में भी अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही है।




घाटशिला के एचसीएल मैदान अंतिम दर्शन के लिए रखा गया शव
दिवंगत मंत्री, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता तथा निबंधन विभाग, झारखंड सरकार स्वर्गीय श्री रामदास सोरेन का पार्थिव शरीर घाटशिला के एचसीएल ग्राउंड में अंतिम दर्शनार्थ रखा गया है। बड़ी संख्या में समर्थक एवं उनके चाहने वाले पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित कर रहे हैं।


पूर्व मुख्यमंत्री श्री चम्पई सोरेन, पूर्व मंत्री श्री दिनेश सारंगी, मंत्री श्री दीपक बिरुआ, पूर्व राज्यसभा सांसद श्री प्रदीप बलमुचू, विधायक श्री समीर मोहंती, विधायक श्री संजीव सरदार, पूर्व विधायक श्री कुणाल सारंगी, 20 सूत्री उपाध्यक्ष श्री मोहन कर्मकार, गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री राजू गिरी, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री हिदायतुल्लाह खान समेत भारी संख्या में समर्थकों एवं शुभचिंतकों ने दिवंगत रामदास सोरेन जी के पार्थिव शरीर का दर्शन कर पुष्प अर्पित करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किया।
मंत्री, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता तथा निबंधन विभाग, झारखंड दिवंगत रामदास सोरेन जी का पार्थिव शरीर घोड़ाबांधा, जमशेदपुर स्थित आवास पर दर्शनार्थ रखा गया। पूर्व मुख्यमंत्रीगण, मंत्रीगण, सांसद, विधायक, पूर्व सांसद, प्रशासनिक-पुलिस पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में समर्थकों ने पुष्प चक्र एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया।



मंत्री, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता तथा निबंधन विभाग, झारखंड सरकार दिवंगत रामदास सोरेन जी का घोड़ाबांधा स्थित श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम-संस्कार किया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे शुभचिंतकों ने नम आंखों से दी अंतिम विदाई।






