पटमदा के शुक्ल सबर गांव में डायरिया का प्रकोप
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जल प्रदूषण की जांच की; ग्रामीणों को स्वच्छता संबंधी सलाह दी गई।
प्रमुख बिंदु:
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शुक्ल सबार में डायरिया से छह से अधिक ग्रामीण प्रभावित।
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इस प्रकोप का मुख्य कारण दूषित पानी होने का संदेह है।
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परीक्षण के लिए भेजे गए नमूने; स्वच्छ जल के प्रति जागरूकता पर जोर दिया गया।
जमशेदपुर – पटमदा के शुक्ला सबर गांव में डायरिया का प्रकोप फैल गया है, जिससे छह से अधिक लोग बीमार पड़ गये हैं.
बीमारी के कारणों की जांच के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों ने बुधवार को गांव का दौरा किया। उन्होंने प्रकोप की संभावित उत्पत्ति के रूप में दूषित जल स्रोतों की पहचान की। पांच मरीजों को पटमदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जबकि अन्य का इलाज घर पर ही किया जा रहा है.
निरीक्षण दल में जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. असद, स्वास्थ्य कार्यकर्ता सुशील तिवारी और स्थानीय सहिया शामिल थे, जिन्होंने गांव के एक तालाब और दो हैंडपंप से पानी के नमूने एकत्र किए। शुरुआती जांच में पता चला कि एक हैंडपंप खराब है और दूसरे से पीने लायक पानी नहीं मिल रहा है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में एक जल टावर गैर-कार्यात्मक बना हुआ है, जिससे ग्रामीणों को असुरक्षित तालाब के पानी पर निर्भर रहना पड़ता है।
डॉ. असद ने इस बात पर प्रकाश डाला कि 26 अक्टूबर को काशीडीह गांव में इसी तरह की घटनाएं घटीं, जिससे एक दर्जन से अधिक लोग प्रभावित हुए। मौजूदा संकट से निपटने के लिए पानी के नमूने प्रयोगशाला परीक्षण के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेजे गए हैं। टीम ने ग्रामीणों को पानी उबालकर पीने और साफ-सफाई बनाए रखने की सलाह देते हुए स्वच्छता शिक्षा पर भी जोर दिया।
विशेषज्ञों को संदेह है कि पटमदा में पानी की खराब गुणवत्ता एक बार-बार होने वाली समस्या है, जो अक्सर महामारी से जुड़ी होती है। अधिकारियों से भविष्य में स्वास्थ्य संकटों को रोकने के लिए जल बुनियादी ढांचे की मरम्मत और स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने को प्राथमिकता देने का आग्रह किया गया है।
