जमशेदपुर सूर्य मंदिर में प्रतियोगिताओं के साथ मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
ओडिशा के राज्यपाल और पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने कार्यक्रम में शिरकत की; नृत्य और वेशभूषा प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
जमशेदपुर के सूर्य मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव सोमवार को जीवंत प्रतियोगिताओं के साथ संपन्न हुआ।
जमशेदपुर – सूर्य मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी समारोह सोमवार को अंतिम प्रतियोगिताओं के साथ संपन्न हुआ।
सिदगोड़ा स्थित सूर्य मंदिर में तीन दिवसीय महोत्सव का समापन एक जीवंत समापन के साथ हुआ, जिसमें “बाल राधा-कृष्ण वेशभूषा” और समूह नृत्य प्रतियोगिता का फाइनल हुआ।
महोत्सव की मुख्य विशेषताएं एवं प्रतियोगिताएं
फाइनल में प्रतिभागियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली, जिसमें वेशभूषा प्रतियोगिता में 20 फाइनलिस्ट तथा नृत्य प्रतियोगिता में 8 समूह शामिल थे।
भारी बारिश के बावजूद, बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे और तालियों तथा “जय श्री कृष्ण” के नारों से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन कर रहे थे।
सूर्य मंदिर समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा, “युवा राधा-कृष्ण प्रतिभागियों द्वारा प्रदर्शित प्रतिभा वास्तव में आकर्षक थी।”
नृत्य प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने महत्वपूर्ण सामाजिक और पर्यावरणीय संदेश देते हुए प्रस्तुति दी।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान ओडिशा के राज्यपाल रघुबर दास ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में भाग लिया और जमशेदपुर और ओडिशा के लोगों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
दास ने कहा, “ऐसे आयोजन न केवल हमारे युवाओं को सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ते हैं, बल्कि हमारी विरासत को संरक्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”
उन्होंने इस महोत्सव के आयोजन में सूर्य मंदिर समिति के निरंतर प्रयासों की भी सराहना की, जो इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम बन गया है।
विजेता और पुरस्कार
“बाल राधा-कृष्ण वेशभूषा” प्रतियोगिता में युवानश कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, पिनाकी खिमानी दूसरे स्थान पर तथा सौम्या सिंह तीसरे स्थान पर रहीं।
उन्हें क्रमशः ₹5,000, ₹3,000 और ₹2,000 के नकद पुरस्कार तथा प्रमाण पत्र प्रदान किये गये।
समूह नृत्य प्रतियोगिता में बीडीएस डांस ग्रुप ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि हरीश एंड ग्रुप और निखिल डांस अकादमी ने दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त किया।
इन समूहों को क्रमशः ₹10,000, ₹7,000 और ₹5,000 के नकद पुरस्कार तथा प्रमाण पत्र प्रदान किये गये।
निर्णायकों में से एक सोनाली चटर्जी ने कहा, “सभी प्रतिभागियों ने असाधारण प्रदर्शन किया और हर प्रदर्शन में उनकी लगन स्पष्ट दिखी।”
इस कार्यक्रम में चन्द्रगुप्त सिंह और भूपेन्द्र सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे, जिन्होंने इसकी सफलता में योगदान दिया।
