राखी मेला उत्सव की पेशकश के साथ जमशेदपुर में चकाचौंध
वार्षिक प्रदर्शनी में विविध उत्पादों का प्रदर्शन, महिलाओं को सशक्त बनाना
तुलसी भवन में मारवाड़ी महिला मंच के तीन दिवसीय राखी मेले में पारंपरिक और आधुनिक वस्तुओं के 50 स्टॉल लगाकर भीड़ को आकर्षित किया जा रहा है।
जमशेदपुर – मारवाड़ी महिला मंच (एमएमएम) की जमशेदपुर शाखा ने अपने वार्षिक राखी मेले के साथ बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन को एक जीवंत बाजार में बदल दिया है।
तीन दिवसीय प्रदर्शनी और बिक्री कार्यक्रम सोमवार को शुरू हुआ, जिसमें विविध प्रकार के स्टॉलों पर उत्साही भीड़ उमड़ पड़ी।
आगंतुक बुधवार, 24 जुलाई को इसके समापन तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक मेले का अवलोकन कर सकते हैं।
एमएमएम की वरिष्ठ सदस्य लता अग्रवाल, मंजू खंडेलवाल, प्रभा पाडिया और बीना खिरवाल ने उत्सव का माहौल बनाते हुए कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
मेले में 50 विविध स्टॉल हैं, जिनमें पारंपरिक राखियों से लेकर आधुनिक घरेलू सजावट की वस्तुओं तक सब कुछ उपलब्ध है।
संगठन की अध्यक्ष रानी अग्रवाल ने कहा, “यह मेला 35 वर्षों से एक परम्परा रही है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है।”
एमएमएम की सचिव मीना अग्रवाल ने कार्यक्रम की लोकप्रियता पर प्रकाश डाला तथा कहा कि पहले दिन से ही इसे उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया मिली।
खरीदारों को लड्डू गोपाल की मूर्तियों के लिए उपहार वस्तुओं, चादरों और पारंपरिक पोशाक का व्यापक संग्रह मिल सकता है।
मेले में अचार, पापड़ और मंगोड़ी जैसी हस्तनिर्मित घरेलू आवश्यक वस्तुएं भी किफायती दामों पर उपलब्ध हैं।
जमशेदपुर मंगलवार को शाम पांच बजे मेले में अतिथि के रूप में ब्लॉक बीडीओ सुधा वर्मा का आगमन होगा।
कार्यक्रम की संचालिका सरस्वती अग्रवाल ने आगंतुकों का गर्मजोशी से स्वागत किया, जबकि कंचन खिरवाल ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
आयोजकों ने महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण में मेले की भूमिका पर जोर दिया।
आगंतुकों ने बंधनवार जैसी उत्सव सजावट से लेकर फैशनेबल साड़ियों और कुर्तियों तक उपलब्ध उत्पादों की विविधता की प्रशंसा की।
यह आयोजन न केवल खरीदारी के लिए एक गंतव्य स्थल है, बल्कि स्थानीय कारीगरों और महिला उद्यमियों के लिए एक मंच भी है।
जैसे-जैसे यह मेला आगे बढ़ेगा, यह जमशेदपुर में परंपरा, रचनात्मकता और सामुदायिक भावना का एक मिश्रण साबित होगा।
