टाटानगर-जयनगर साप्ताहिक ट्रेन को रेलवे बोर्ड ने मंजूरी दी
नई साप्ताहिक ट्रेन से टाटानगर और जयनगर के बीच संपर्क बढ़ेगा, जिससे झारखंड और बिहार को लाभ होगा।
रेलवे बोर्ड ने टाटानगर से जयनगर तक एक नई साप्ताहिक ट्रेन को मंजूरी दे दी है, जिसका परिचालन शीघ्र ही शुरू हो जाएगा तथा बेहतर कनेक्टिविटी की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो जाएगी।
जमशेदपुर – रेलवे बोर्ड ने टाटानगर और जयनगर के बीच एक नई साप्ताहिक ट्रेन सेवा को मंजूरी दे दी है, जिसका परिचालन जल्द ही शुरू होगा।
इस ट्रेन का उद्देश्य झारखंड और बिहार के बीच क्षेत्रीय संपर्क में सुधार करना और यात्रियों के लिए यात्रा को सुविधाजनक बनाना है।
ट्रेन अनुसूची
यह रेलगाड़ी यहां से रवाना होगी। टाटानगर यह ट्रेन शुक्रवार को शाम 6:50 बजे रवाना होगी और शनिवार सुबह 3:00 बजे जसीडीह/बैद्यनाथ धाम रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी तथा उसके बाद सुबह 11:25 बजे जयनगर पहुंचेगी।
अपनी वापसी यात्रा में यह ट्रेन शनिवार को शाम 7:30 बजे जयनगर से रवाना होगी, रविवार को सुबह 3:00 बजे जसीडीह पहुंचेगी और सुबह 11:30 बजे टाटानगर लौटेगी।
गोड्डा से सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने नई सेवा का स्वागत करते हुए कहा, “टाटानगर से जयनगर/दरभंगा तक इस ट्रेन की शुरुआत क्षेत्रीय संपर्क के लिए एक महत्वपूर्ण विकास है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के नेतृत्व में यह पहल एक बड़ा कदम है।”
मोदी @नरेंद्र मोदी
टाटानगर से जयनगर/ दरभंगा के लिए मिली नई ट्रेन। यह ट्रेन शुक्रवार को टाटा से शाम 6 बजे बजकर 50 मिनट पर खुलकर शनिवार सुबह जेसीडीएच/ बैद्यनाथ धाम रेलवे स्टेशन सुबह 3 बजे पहुंचेगी, जयनगर यह ट्रेन दोपहर 11.25 बजे। शनिवार को यह ट्रेन जयनगर से शाम 7.30 बजे खुलकर रविवार सुबह… pic.twitter.com/ghlgjJxmiD
— डॉ निशिकांत दुबे (@nishikant_dubey) 12 जुलाई, 2024 भारतीय रेलवे फैन क्लब (आईआरएफसीए) और इंडियारेलइन्फो (आईआरआई) के सदस्य शशांक शेखर स्वैन ने भी इस निर्णय की सराहना की तथा बिहार के दरभंगा क्षेत्र में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए इसके लाभों पर प्रकाश डाला।
लम्बे समय से चली आ रही मांग को संबोधित करना
नई रेल सेवा दरभंगा, मधुबनी, जयनगर, सकरी और नेपाल के तराई क्षेत्र के लगभग 4 लाख निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करती है।
ये समुदाय सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण इन स्थानों तक सीधे रेल संपर्क की वकालत करते रहे हैं तथा बेहतर संपर्क की आवश्यकता पर बल देते रहे हैं।
सांस्कृतिक महत्व
नेपाल यात्रा के दौरान जयनगर के निकट सीता कॉरिडोर और अन्य प्रमुख सांस्कृतिक स्थलों के विकास के संबंध में प्रधानमंत्री की घोषणाओं से यह पहल और अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
हिंदू, मुस्लिम और नेपाली समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाली मिथिला रेल संघर्ष समिति ने सांस्कृतिक संबंधों को बनाए रखने में रेलवे की भूमिका पर जोर दिया है, तथा आगामी मध्य प्रदेश चुनावों के लिए “ट्रेन नहीं तो वोट नहीं” का उनका मजबूत संदेश उनके दृढ़ संकल्प को रेखांकित करता है।
आगे देख रहा
टाटानगर-जयनगर ट्रेन के शुरू होने से क्षेत्रीय संपर्क बढ़ने, यात्रा सुगम होने तथा झारखंड और बिहार के बीच सांस्कृतिक संबंध मजबूत होने की उम्मीद है।
इस सेवा के प्रति समुदाय की प्रत्याशा और समर्थन, उनकी यात्रा आवश्यकताओं और सांस्कृतिक संबंधों को संबोधित करने में इसके महत्व को दर्शाता है।
नई साप्ताहिक ट्रेन से टाटानगर और जयनगर के बीच संपर्क बढ़ेगा, जिससे झारखंड और बिहार को लाभ होगा।
