जमशेदपुर में गुमशुदगी के मामले बढ़े
पांच महीनों में 16 लोग लापता, सरकार को मानव तस्करी का संदेह।
जमशेदपुर में गायब होने की बढ़ती संख्या ने अधिकारियों को चिंतित कर दिया है, जो इन मामलों को संभावित मानव तस्करी से जोड़ रहे हैं।
जमशेदपुर – लोगों के गायब होने का सिलसिला बढ़ता जा रहा है और कई लोग लापता बताए गए हैं।
पिछले पांच महीनों में तीन लोग लापता हो चुके हैं। टाटानगर रेलवे स्टेशन अकेले।
इसी अवधि में करीब 16 लोग लापता हो गए। जमशेदपुर पूर्वी सिंहभूम जिले में एक गांव है।
दिनों-दिन गायब होने की बढ़ती घटनाएं राज्य सरकार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं, जो मानव तस्करी से संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
पुलिस को इन मामलों की गहन जांच करने तथा लापता व्यक्तियों के ठिकानों और परिस्थितियों के बारे में सरकार को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
पिछले पांच महीनों में राज्य भर में 179 लोग लापता हो गए हैं।
ये मामले विभिन्न जिलों से हैं, जिनमें टाटानगर स्टेशन से तीन और धनबाद रेलवे से दो मामले शामिल हैं।
रांची में लापता व्यक्तियों की संख्या सबसे अधिक है, उसके बाद धनबाद और फिर जमशेदपुर का स्थान है।
सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों से तीन-तीन लोग लापता हैं।
संदिग्ध मानव तस्करी के मद्देनजर रेलवे पुलिस को तैनात किया गया है।
टाटानगर में राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा गुमशुदगी और तस्करी की घटनाओं को रोकने के लिए विशेष उपाय लागू किए जा रहे हैं।
जीआरपी प्रमुख ने बताया कि प्रत्येक लापता व्यक्ति का पता लगाने के प्रयास जारी हैं तथा नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
आरपीएफ प्रमुख ने यह सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि स्टेशन से कोई भी बच्चा लापता न हो तथा किसी भी प्रकार की तस्करी को रोका जाए।
