पश्चिमी सिंहभूम के भाजपा नेता संजय मिश्रा यौन शोषण मामले में बरी
अदालत ने आरोप खारिज किए, मिश्रा ने राजनीतिक साजिश का आरोप लगाया
चक्रधरपुर के भाजपा नेता संजय मिश्रा को महिला खिलाड़ी के कथित यौन शोषण के मामले में चाईबासा कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया है।
चक्रधरपुर – भाजपा नेता संजय मिश्रा उर्फ बुद्धू पंडित को महिला खिलाड़ी के कथित यौन शोषण मामले में चाईबासा कोर्ट ने क्लीन चिट दे दी है।
29 मई को अदालत ने मिश्रा के खिलाफ सभी आरोपों को खारिज कर दिया और उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया।
मिश्रा ने रविवार को पुरानी रांची रोड स्थित दिलीप साव स्मृति भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जहां उन्होंने दावा किया कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत इस मामले में फंसाया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
अक्टूबर 2021 में चक्रधरपुर की एक महिला खिलाड़ी ने मिश्रा पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था।
शिकायत के बाद चक्रधरपुर पुलिस ने मिश्रा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
यह मामला चक्रधरपुर नगर परिषद चुनाव से ठीक पहले सामने आया, जो नवंबर-दिसंबर 2021 में होने वाला था।
मिश्रा, जो पिछला चुनाव 700 मतों के मामूली अंतर से हार गए थे, आगामी चुनाव लड़ने की योजना बना रहे थे, लेकिन मामले के कारण ऐसा करने में असमर्थ थे।
मिश्रा का राजनीतिक षडयंत्र का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मिश्रा ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन की मिलीभगत से एक राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें इस मामले में फंसाया गया है।
उन्होंने दावा किया कि इस साजिश का उद्देश्य समाज में उन्हें बदनाम करना और नगर परिषद चुनाव लड़ने से रोकना था।
मिश्रा ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के षडयंत्रों का व्यक्तियों और उनके परिवारों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ सकता है, जिससे कुछ मामलों में आत्महत्या तक की नौबत आ सकती है।
पार्टी से समर्थन और न्याय में विश्वास
चुनौतियों के बावजूद, मिश्रा ने कहा कि उन्हें अपनी बेगुनाही पर पूरा भरोसा है और न्याय देने के लिए न्यायपालिका पर भरोसा है।
उन्होंने अपनी पार्टी के सदस्यों के प्रति उनके अटूट समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया, जिसके कारण उन्हें कानूनी लड़ाई के दौरान हर कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिला।
मिश्रा वर्तमान में भाजपा के व्यापार प्रकोष्ठ के सह-संयोजक के रूप में कार्यरत हैं।
