मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रवि कुमार ने संगठनों से मतदान में सहयोग देने का आग्रह किया
झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रवि कुमार ने 2024 के चुनावों की निगरानी के लिए व्यापक उपायों की घोषणा की है, जिसमें चार संसदीय क्षेत्रों के सभी 8963 बूथों को कवर किया जाएगा।
रांची – झारखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के रवि कुमार ने 2024 के चुनावों की निगरानी के लिए व्यापक उपायों की घोषणा की है, जिसमें चार संसदीय क्षेत्रों के सभी 8963 बूथों को कवर किया जाएगा।
के रवि कुमार के आग्रह के अनुसार, संगठनों को अपने कर्मचारियों को सवेतन अवकाश और मतदान की सुविधा प्रदान करने पर विचार करना चाहिए।
छठे चरण में 290 तृतीय लिंग मतदाता अपने वोट डालेंगे।
इसके अलावा 15 विशेष बूथ भी स्थापित किए गए हैं।
186 बूथ महिलाओं द्वारा संचालित किए जाएंगे, जबकि 22 बूथ युवाओं द्वारा संचालित किए जाएंगे।
गिरिडीह में मतदाताओं की संख्या सबसे कम थी।
लोकसभा चुनाव 2024 के छठे चरण में धनबाद में सबसे अधिक मतदाता थे, जहां कुल 82,16,506 मतदाता थे।
मतदान कर्मियों को शीघ्र मतदान प्रशिक्षण दिया गया है।
वेब कास्टिंग के माध्यम से चुनाव आयोग द्वारा मतदान की गति पर नजर रखी जाएगी।
सभी बूथों को बुनियादी सुविधाओं और अर्धसैनिक बलों से सुसज्जित किया गया है।
प्रत्येक बूथ के अंदर और बाहर चार-डी कैमरे लगे हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा नियंत्रण कक्ष से निगरानी की जाएगी।
व्यापक उपायों का उद्देश्य सुचारू एवं कुशल मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करना है।
चुनाव आयोग द्वारा वेब कास्टिंग के उपयोग से मतदान की गति पर नजर रखने तथा किसी भी समस्या का तुरंत समाधान करने में मदद मिलेगी।
महिलाओं और युवाओं द्वारा प्रबंधित विशेष बूथ चुनावों के प्रति समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।
धनबाद में मतदाताओं की महत्वपूर्ण भागीदारी प्रभावी चुनाव प्रबंधन के महत्व को रेखांकित करती है।
गिरिडीह में मतदाताओं की कम संख्या लक्षित मतदाता सहभागिता रणनीतियों की आवश्यकता पर जोर देती है।
सभी मतदान केन्द्रों पर सुविधाओं और सुरक्षा का प्रावधान सुरक्षित मतदान वातावरण सुनिश्चित करता है।
शीघ्र मतदान पर मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण देने का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया की दक्षता बढ़ाना है।
प्रत्येक बूथ पर चार-डी कैमरों का अभिनव प्रयोग पारदर्शिता और सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जिला निर्वाचन अधिकारी नियंत्रण कक्ष से चुनाव प्रक्रिया की निगरानी एवं देखरेख में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
ये पहल स्वतंत्र, निष्पक्ष और सुलभ चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
