चुनाव आयोग ने झारखंड भाजपा, कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी और बोकारो के सेल को आचार संहिता उल्लंघन के लिए चेतावनी दी
राजनीतिक दलों और संगठनों को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के लिए फटकार
आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के कारण चुनाव आयोग ने झारखंड भाजपा, कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी और बोकारो की स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) को चेतावनी दी है।
रांची – आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के कारण चुनाव आयोग ने झारखंड भाजपा, कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी और बोकारो की स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) को चेतावनी दी है।
परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 के तहत झारखंड में लोकसभा आम चुनाव 2024 के लिए मतदान की तिथि को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है।
आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन तब देखा जाता है जब धार्मिक स्थलों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए किया जाता है।
कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी की सोशल मीडिया पर पोस्ट को लेकर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
चौथे और पांचवें चरण के मतदान के दौरान भाजपा पर 400 से अधिक मतदाता पर्चियां बांटने का आरोप लगाया गया है, जिन पर मानक पर्चियों के बजाय नारे, फोटो और चुनाव चिह्न अंकित हैं।
दो माह के भीतर, शिफ्ट में मतदान करने जाने वाले श्रमिकों को भी एक दिन की छुट्टी मिलेगी।
25 मई को बोकारो स्टील प्लांट के प्रबंधन ने कर्मचारियों को सवेतन अवकाश देने के अपने आदेश में संशोधन किया।
चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए चेतावनी जारी की है।
चुनाव प्रचार के लिए धार्मिक स्थलों के उपयोग को विशेष रूप से उल्लंघन के रूप में उजागर किया गया है।
कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी को सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में आयोग के दिशानिर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया गया है।
भाजपा द्वारा प्रचार सामग्री के साथ मतदाता पर्चियों का वितरण चुनाव नियमों का उल्लंघन माना गया है।
बोकारो स्टील प्लांट द्वारा मतदान कर्मचारियों को सवेतन अवकाश देने के संशोधित आदेश का उद्देश्य मतदान में भागीदारी को सुविधाजनक बनाना है।
शिफ्ट में मतदान करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त अवकाश का लाभ मिलेगा, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि वे अपना वोट डाल सकें।
मतदान के दिन घोषित सार्वजनिक अवकाश प्रत्येक नागरिक के मतदान के अधिकार को सुनिश्चित करने के महत्व को रेखांकित करता है।
ये उपाय निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव के प्रति चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
राजनीतिक दलों और संगठनों को स्थापित आचार संहिता का पालन करने की उनकी जिम्मेदारी की याद दिलाई जाती है।
चुनाव आयोग की कार्रवाई चुनावी प्रक्रिया की अखंडता बनाए रखने के लिए एक चेतावनी के रूप में काम करती है।
लोकतांत्रिक सिद्धांतों को कायम रखने के लिए चुनाव संबंधी दिशानिर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
