सहयोग और संस्कार भारती ने नागा मंदिर में संगीत, नृत्य और कविता के साथ भक्ति संध्या का आयोजन किया
सहयोग और संस्कार भारती ने संगीत, नृत्य और कविता के साथ नागा मंदिर में भक्ति शाम का आयोजन किया
भक्ति की एक शाम, नागा मंदिर में विजया मिलन समारोह सहयोग और संस्कार भारती द्वारा कुशलतापूर्वक आयोजित किया गया.
जमशेदपुर – नागा मंदिर के प्रांगण में वार्षिक विजया मिलन समारोह के केंद्र में होने से माहौल भक्तिमय हो गया.
बहुभाषी साहित्यिक समूह सहयोग और सांस्कृतिक संगठन संस्कार भारती द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभा और आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा.
वैष्णव देवी ट्रस्ट के सौजन्य से यह स्थान संस्कृति और आध्यात्मिकता के सामंजस्यपूर्ण मिश्रण का एक मंच बन गया.
शाम की कार्यवाही सहयोग के संरक्षक और संस्कार भारती के अध्यक्ष डॉ. रागिनी भूषण जी के आशीर्वाद के साथ शुरू हुई, जिसके बाद विजया की शुभकामनाएं आईं.
नीलांबर चौधरी और निवेदिता ने मां भगवती को समर्पित भजनों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
शीला कुमारी और उमा के गरबा नृत्य प्रदर्शन ने उत्सव का माहौल बना दिया.
भोजपुरी भजन कलाकार वीणा पांडे ने “भवानी राउर बिछिया रूनझुन बाजेला” की प्रस्तुति से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया.
काव्यात्मक योगदान भी एक आकर्षण था, जिसमें पूर्वी घोष ने “आनंद” नामक एक बंगाली कविता का पाठ किया और ममता आहूजा ने “बुराई पर अच्छाई की जीत” पर एक हिंदी कविता प्रस्तुत की.
ममता कर्ण और सुष्मिता मिश्रा के मैथिली गीतों ने माँ दुर्गा के प्रति आभार व्यक्त किया.
राजेंद्र साह राज द्वारा बंगाली भजन और चेतना झा और आराध्या द्वारा भक्ति नृत्य अन्य मुख्य आकर्षण थे.
कृष्णा सिन्हा एवं रमा शर्मा ने भी माँ जगदम्बे के भक्तिमय भजन प्रस्तुत किये.
कार्यक्रम का समापन वैष्णव देवी ट्रस्ट के सहयोग सचिव श्रीमती विद्या तिवारी के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ.
