क्षेत्रीय न्यायिक सम्मेलन में झारखंड में रिमांड, जमानत व कानूनी मसलों पर गहन विचार-विमर्श
झारखंड के मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा, जमशेदपुर न्यायपालिका द्वारा आयोजित कानूनी चुनौतियों पर आधारित सम्मेलन में शामिल हुए
शीर्ष कानूनी विशेषज्ञों की मौजूदगी वाले सम्मेलन में विशेषज्ञों ने रिमांड और जमानत की बारीकियों पर चर्चा की और ‘जमानत नियम है, जेल अपवाद है’ पर जोर दिया गया.
जमशेदपुर- जमशेदपुर न्यायपालिका और जिला प्रशासन ने रिमांड और जमानत से संबंधित न्यायशास्त्र पर एक क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित करने के लिए झारखंड न्यायिक अकादमी के साथ साझेदारी की.
सम्मेलन रविवार को लोयोला स्कूल, जमशेदपुर के सभागार में हुआ.
झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सत्र के माध्यम से इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई.
झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुजीत नाण प्रसाद, राज्य के विभिन्न हिस्सों से प्रधान जिला और सत्र न्यायाधीश, सकेला-खरसावां और चाईबासा जिलों के पुलिस अधिकारी और घाटशिला के वरिष्ठ अधिवक्ताओं सहित कई कानूनी विशेषज्ञों ने भाग लिया.
न्यायमूर्ति प्रसाद ने इस सिद्धांत पर गहन चर्चा की कि ‘जमानत नियम है, जेल अपवाद है.’
सम्मेलन में आईपीसी की धारा 41 और 41ए के तहत पुलिस के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों पर भी चर्चा हुई.
इसके अलावा, सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई 2023 और अर्नेस कुमार बनाम बिहार राज्य मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित दिशानिर्देशों के पालन पर चर्चा की गई.
उल्लेखनीय है कि क्षेत्रीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि झारखंड उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायधीश सह संरक्षक प्रमुख जुडीशियल अकादमी झारखंड श्री संजय कुमार मिश्रा वर्चुअल रूप से उपस्थित हुए वहीं, सम्मानित अतिथियों मे माननीय न्यायधीश झारखंड उच्च न्यायालय सह प्रभारी जुडीशियल एकैडमी रांची श्री सुजित नारायण प्रसाद, माननीय न्यायधीश हाईकोर्ट श्री रत्नाकर भेंगड़ा, माननीय न्यायधीश हाईकोर्ट श्री दीपक रौशन, माननीय न्यायधीश हाईकोर्ट श्री अम्बुज नाथ, निदेशक जुडीशियल एकैडमी रांची श्री सुधांसू कुमार शशि, माननीय न्यायधीश श्री राजेश कुमार जुडीशियल अकैडमी रांची, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश जमशेदपुर श्री अनील कुमार मिश्रा शामिल हुए.
कार्यक्रम मे जिला प्रशासन से जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री किशोर कौशल शामिल हुए। इस कार्यक्रम मे मुख्य रूप से रिमांड व जमानत को लेकर विभिन्न तरह के कानूनी फहलुओं पर विस्तार रूप से चर्चा की गयी.
साथ ही पॉक्सो एक्ट 2012 एवं एनडीपीएस केस के इम्प्लीमेंट मे आने वाले व्यवधानों को कैसे दूर करें, ताकि पीड़िता को शीघ्र एवं त्वरित न्याय मिले, इसके बारे में मिस कुशी कुशलप्पा एवं डॉक्टर जे एन बारोवालिया ने प्रकाश डाला।

लोयोला में विधिक सम्मेलन में भाग लेने आये अतिथिगण.
