नियोजन नीति के विरोध में झारखंड बंद के दूसरे दिन टाटा कांड्रा मार्ग को घंटो रखा जाम, जमकर की नारेबाजी
जमशेदपुर: राज्य सरकार की 60-40 नियोजन नीति के विरोध में झारखंडी भाषा खतियानी संघर्ष समिति एवं संयुक्त झारखंड स्टूडेंट यूनियन के आह्वान पर बुलाए गए दो दिवसीय झारखंड बंद के दूसरे दिन रविवार को सरायकेला- खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित केरला पब्लिक स्कूल के समक्ष प्रदर्शनकारियों ने करीब डेढ़ घंटा टाटा- कांड्रा मुख्य मार्ग को जाम रखा.
इस दौरान प्रदर्शनकारियों 60-40 नाय चलतो, कैसे लिया झारखंड- लड़के लिया झारखंड… जैसे नारे लगाए.
इस दौरान टाटा- कांड्रा मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही. वहीं मौके पर पुलिस भी मुस्तैद रही. हालांकि प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान किसी तरह का कोई हिंसक घटना को अंजाम नहीं दिया. करीब डेढ़ घंटा प्रदर्शन करने के बाद सभी प्रदर्शनकारी वापस लौट गए.
बता दें कि राज्य सरकार द्वारा लाए गए 60- 40 नियोजन नीति को लेकर लगातार छात्र संगठनों का विरोध जारी है. इनका कहना है कि इस नीति के लागू होने से यहां के स्थानीय एवं मूलवासियों के अधिकारों का हनन होगा जिसका वे कभी समर्थन नहीं करेंगे और लगातार विरोध करते रहेंगे.
गौरतलब है कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार द्वारा फरवरी 2020 में लाई गई नियोजन नीति को संविधान विरुद्ध बताकर हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था.इसमें तृतीय एवं चतुर्थवर्गीय नौकरियों में झारखंड से ही 10वीं-12वीं पास करने की अनिवार्यता को संविधान में समानता के अधिकार का खुला उल्लंघन बताते हुए हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था.
बाद में हेमंत सरकार नई नियोजन नीति लाई जिसमें झारखंड से ही 10वीं-12वीं पास करने की अनिवार्यता खत्म कर दी गई. सरकारी नौकरियों में 60 फीसदी सीटें स्थानीय जबकि 40 फीसदी सीटें ओपन टू ऑल रखी गई. स्थानीय भाषा की सूची में हिंदी को शामिल किया गया। साथ ही स्थानीय भाषा, संस्कृति और परिवेश की जानकारी होने की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई.
