जमशेदपुर : आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की जर्जर सड़कों से जल्द ही निजात मिलने की संभावना है। जर्जर सड़क के कारण वहां के लोगों को लंबे समय से परेशानी हो रही है।
झारखंड औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (जियाडा) के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन ने कहा है कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में सड़कों के निर्माण और मरम्मत का कार्य मानसून समाप्त होते ही शुरू कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस परियोजना की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन विभाग के मुख्य अभियंता के सेवानिवृत्त होने के कारण कार्य प्रारंभ होने में विलंब हुआ।
गुरुवार को बिष्टुपुर स्थित होटल रामाडा में आयोजित मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव के दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में सड़क निर्माण संभव नहीं है। इसलिए मानसून खत्म होते ही निर्माण कार्य तेजी से शुरू कराया जाएगा, ताकि औद्योगिक क्षेत्र की आधारभूत सुविधाओं में सुधार हो सके।
उन्होंने बताया कि मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जियाडा ने पांच करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
इस राशि से नालियों की सफाई, ड्रेनेज व्यवस्था के रखरखाव तथा अन्य आवश्यक कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता यह है कि बारिश का पानी औद्योगिक इकाइयों में प्रवेश न करे और उत्पादन प्रभावित न हो।
वरुण रंजन ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। झारखंड के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, ड्रेनेज और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट) को लेकर उन्होंने बताया कि रांची, जमशेदपुर और धनबाद के लिए तकनीकी मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा जल्द ही वित्तीय बोलियां खोली जाएंगी। चयनित एजेंसी वैज्ञानिक और आधुनिक तरीके से कचरा संग्रहण एवं निस्तारण का कार्य करेगी।
उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल, आधुनिक और वैज्ञानिक होगी, जिससे शहरी स्वच्छता और कचरा प्रबंधन प्रणाली में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
