जेडीयू नेता ने राहुल गांधी को बताया गैर-गंभीर राजनेता
मुख्य बिंदु:
- राम मंदिर चढ़ावा मामले में दोषियों को सजा तय: नीरज कुमार
- राहुल गांधी पर निशाना, बताया गैर-गंभीर नेता
- एलपीजी बहाली पर केंद्र सरकार के फैसले की सराहना
पटना – जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि अपराध करने वाला कोई भी हो, उसे कानून के दायरे में आना ही होगा।
यह बयान उस समय आया जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने गुरुवार को आठ लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई। इनमें ट्रस्ट महासचिव चंपत राय के चालक का नाम भी शामिल है।
हालांकि प्राथमिकी में चंपत राय को आरोपी नहीं बनाया गया, जिसके चलते विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। इसी मुद्दे पर शुक्रवार को आईएएनएस से बात करते हुए नीरज कुमार ने तीखी टिप्पणी की।
उनके अनुसार भगवान राम के नाम पर श्रद्धालुओं ने जो धनराशि अर्पित की, उसमें किसी भी प्रकार की हेराफेरी पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि सबूत मिलने पर देर-सवेर हर दोषी को न्याय के सामने पेश होना पड़ेगा।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि कानूनी सजा के अतिरिक्त संबंधित व्यक्ति को धार्मिक रूप से भी इसका परिणाम भुगतना होगा। इस बीच, नीरज कुमार ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।
उन्होंने राहुल गांधी को एक ऐसा नेता बताया जो राजनीति को गंभीरता से नहीं लेता। उन्होंने इसकी तुलना बिहार में तेजस्वी यादव की मौजूदगी से की, जिनकी सक्रियता भी सीमित मानी जाती है।
नीरज कुमार ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष होने के नाते राहुल गांधी पर संसदीय लोकतंत्र को मजबूत बनाने का दायित्व है। हालांकि, उनके अनुसार राहुल गांधी ईर्ष्या और राजनीतिक मनमुटाव में उलझे नजर आते हैं।
इसके अलावा, उन्होंने सरकार की वैकल्पिक नीति प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए। एलपीजी सप्लाई बहाली के विषय पर नीरज कुमार ने केंद्र सरकार के रुख की सराहना की।
उनका कहना था कि पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट के बावजूद देश पेट्रोलियम के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर नहीं बन सका है। फिर भी, सरकार ने आम नागरिकों को असुविधा से बचाने की दिशा में नीतिगत कदम उठाया।
उन्होंने इसे एक सराहनीय फैसला बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इसके लिए बधाई दी। उनके अनुसार यह वैश्विक आर्थिक चुनौतियों से निपटने की दिशा में एक अहम पहल है।
पुणे के सुर्खियों में रहे केतन अग्रवाल हत्या मामले पर भी नीरज कुमार ने प्रतिक्रिया दी। आरोपी सिया गोयल के माता-पिता ने कहा था कि दोषी पाए जाने पर बेटी को कठोरतम सजा दी जानी चाहिए।
नीरज कुमार ने इस रुख की सराहना करते हुए इसे माता-पिता के कर्तव्य का सही निर्वहन बताया। उनके मुताबिक, संतान के गलत कृत्य पर ऐसी निष्पक्ष प्रतिक्रिया वास्तव में सम्मान की पात्र है।
इसी क्रम में पश्चिम बंगाल में लंबित सीएजी रिपोर्ट को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नीरज कुमार ने सवाल किया कि महालेखा नियंत्रक एवं परीक्षक की रिपोर्ट पर हंगामे की वजह आखिर क्या हो सकती है।
उनका मानना है कि वित्तीय गड़बड़ी करने वाले दल ही ऐसी रिपोर्टों से सबसे अधिक असहज होते हैं। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस की शुरुआती प्रतिक्रिया खुद इस बात का संकेत देती है कि मामले में कुछ गड़बड़ अवश्य है।
कर्नाटक में प्रवर्तन निदेशालय ने आबकारी विभाग से जुड़े बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क का दावा किया है, जिस पर भी उनसे सवाल किया गया। इस पर नीरज कुमार ने कहा कि शराब जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अनियमितता मिलने पर जांच जरूरी हो जाती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में चिकित्सकीय लापरवाही के आरोपों पर भी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जांच के आदेश दिए हैं।
इस विषय पर नीरज कुमार ने कहा कि निजी अस्पतालों में मानकों की अनदेखी के कारण ही ऐसे सवाल बार-बार उठते हैं। उनके अनुसार किसी भी मरीज के साथ तय प्रक्रिया का उल्लंघन होने पर जांच अनिवार्य है।
अंत में उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद फोर्टिस सहित किसी भी बड़े अस्पताल प्रबंधन पर कानूनी कार्रवाई से पीछे नहीं हटना चाहिए।
(आईएएनएस से प्राप्त इनपुट पर आधारित)
