चक्रधरपुर। चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत लोटापहाड़ रेलवे स्टेशन पर गुरुवार को दो अलग-अलग रेल घटनाएं सामने आईं। पहली घटना में स्टील कॉइल से लदी एक कंटेनर मालगाड़ी के वैगन में आग लग गई, जबकि दूसरी घटना में लोटापहाड़-सोनुआ रेलखंड के बीच एक मालगाड़ी का पेंटोग्राफ ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) लाइन से उलझ गया, जिससे कुछ समय के लिए ट्रेन परिचालन प्रभावित रहा। रेलवे कर्मियों और आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई से दोनों घटनाओं पर समय रहते काबू पा लिया गया।
पहली घटना गुरुवार सुबह करीब 7:45 बजे की है। स्टील कॉइल से लदी मालगाड़ी सुबह 7:20 बजे लोटापहाड़ स्टेशन के लाइन नंबर-2 पर आकर रुकी थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात स्टेशन कर्मचारियों ने मालगाड़ी के 25वें वैगन के कंटेनर से घना धुआं और आग की लपटें निकलते देखीं। इसकी सूचना तत्काल स्टेशन मास्टर और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) को दी गई।
सूचना मिलते ही आरपीएफ और रेलवे कर्मचारी अग्निशमन उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे। प्रभावित कंटेनर का दरवाजा खोलने पर पाया गया कि अंदर रखे तीन स्टील कॉइल में से दो पर लिपटी प्लास्टिक रैपिंग में आग लगी हुई थी। संयुक्त प्रयास से सुबह 8:20 बजे तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि कंटेनर का ऊपरी हिस्सा खुला होने के कारण ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) लाइन और इंजन के पेंटोग्राफ के बीच घर्षण से निकली चिंगारी प्लास्टिक रैपिंग पर गिर गई, जिससे आग भड़क उठी। रेलवे अधिकारियों ने किसी भी प्रकार की साजिश की संभावना से इनकार किया है। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि या रेलवे संपत्ति को नुकसान नहीं हुआ और ट्रेन परिचालन भी प्रभावित नहीं हुआ। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
वहीं, गुरुवार शाम करीब 5 बजे लोटापहाड़-सोनुआ रेलखंड के किलोमीटर संख्या 223/7 के पास आंधी-तूफान के दौरान एक अन्य मालगाड़ी का पेंटोग्राफ ओएचई लाइन से उलझ गया। टकराव के कारण खंभे और ओएचई प्रणाली को नुकसान पहुंचा, जिससे अप लाइन की विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ और रेलवे के तकनीकी कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा मरम्मत कार्य शुरू किया। कुछ समय के लिए ट्रेन परिचालन बाधित रहा, लेकिन रेलवे की तत्परता से क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत कर जल्द ही परिचालन सामान्य कर दिया गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार दोनों घटनाओं की जांच की जा रही है। समय पर की गई कार्रवाई के कारण किसी बड़े हादसे को टाल दिया गया।
