जमशेदपुर के आजादनगर में प्लस्टिक प्रतिबंध को लेकर जांच करने पहुंची नगर निगम की टीम को बैरंग लौटना पड़ा

गरीब काॅलोनी के आक्रोशित दुकानदार बोले-बिना जागरूकता अभियान और वैकल्पिक व्यवस्था के कार्रवाई उचित नहीं

जमशेदपुर : मानगो नगर निगम की टीम सोमवार को आजाद नगर थाना क्षेत्र के ओल्ड पुरुलिया रोड स्थित गरीब कॉलोनी में प्लास्टिक प्रतिबंध को लेकर जांच करने पहुंची। टीम के पहुंचते ही स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने अचानक विरोध शुरू कर दिया।

सभी दुकानों में प्लास्टिक की जांच और संभावित जब्ती कार्रवाई को लेकर लोग उत्तेजित हो उठे। दुकानदारों का कहना था कि बिना पूर्व सूचना, बिना जागरूकता अभियान और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के सीधे कार्रवाई करना उचित नहीं है।

उनका आरोप था कि निगम ने न तो कोई बैठक की और न ही यह स्पष्ट किया कि किस प्रकार के प्लास्टिक पर प्रतिबंध है और उसके बदले कौन सा विकल्प उपलब्ध कराया जा रहा है।

स्थानीय लोगों ने कहा कि गरीब कॉलोनी में अधिकांश लोग छोटे पैमाने पर व्यवसाय चलाते हैं और प्लास्टिक ही उनके लिए सबसे आसान और किफायती पैकिंग का साधन है। ऐसे में अचानक की गई कार्रवाई से उनके रोज़गार पर सीधा असर पड़ेगा। विरोध बढ़ने के कारण कुछ समय तक वहां माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

दुकानदारों ने नारेबाजी करते हुए निगम टीम से कार्रवाई रोकने की मांग की। स्थिति बिगड़ती देख नगर निगम की टीम को जांच अधूरी छोड़कर वापस लौटना पड़ा।

घटना की सूचना मिलने के बाद क्षेत्र में पुलिस बल भी पहुंचा, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। यह पूरा मामला अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। लोग अलग- अलग प्लेटफॉर्म पर अपनी राय रख रहे हैं।

कुछ लोग निगम की कार्रवाई को जनहित में सही बता रहे हैं, तो कुछ लोगों का कहना है कि बिना जन- जागरूकता और वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह की कार्रवाई गलत है। यह घटना एक बार फिर यह संकेत देती है कि किसी भी सरकारी अभियान या प्रतिबंध को लागू करने से पहले जनता से संवाद और भागीदारी बेहद जरूरी है। यदि लोगों को समय, जानकारी और विकल्प दिया जाए तो ऐसी योजनाएं अधिक प्रभावी और सफल हो सकती हैं।

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