2020 की यौन उत्पीड़न घटना में अदालत ने एक को दोषी ठहराया, दूसरे को बरी कर दिया
प्रमुख बिंदु:
- दुष्कर्म के आरोप में धनंजय सिंह को 20 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई
- आरोपी को पीड़िता की अश्लील तस्वीरें खींचने का भी दोषी पाया गया
- सह-अभियुक्त नरेंद्र सिंह अपर्याप्त साक्ष्य के कारण बरी हो गए
जमशेदपुर- विशेष पॉक्सो न्यायाधीश सिरीश दत्त त्रिपाठी ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में धनंजय सिंह को 20 साल जेल की सजा सुनाई है.
घटना 2020 में गालूडीह थाना क्षेत्र में घटी थी. इस बीच, अदालत ने दोषी पर 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया.
मुकदमे की कार्यवाही के दौरान नौ गवाहों ने गवाही दी। हालाँकि, सह-अभियुक्त नरेंद्र सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया।
मामले की पृष्ठभूमि
पीड़िता की मां ने गालूडीह थाने में शिकायत दर्ज करायी है. इसके अलावा, उसने अपनी बेटी के व्यथित व्यवहार को नोटिस किया।
14 वर्षीय पीड़िता पर गांव की एक दुकान से लौटते समय हमला किया गया। इसके अलावा, आरोपी ने उसकी अनुचित तस्वीरें भी लीं।
पुलिस कार्रवाई
शिकायत के बाद कानून प्रवर्तन ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही जांच के दौरान उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
अदालत ने अपने फैसले पर पहुंचने से पहले विस्तृत गवाही सुनी। इस बीच, सजा नाबालिगों को निशाना बनाने वाले अपराधों के खिलाफ एक कड़ा संदेश भेजती है।
