असम के मुख्यमंत्री सरमा ने भर्ती प्रक्रिया में युवाओं की मौत को लेकर झारखंड सरकार की आलोचना की।
झारखंड भाजपा की चुनाव समिति की बैठक पार्टी कार्यालय में हुई, जिसमें असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी उपस्थित थे।
रांची – असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा झारखंड में भाजपा की चुनाव समिति की बैठक में शामिल हुए, जहां उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार की जमकर आलोचना की।
सरमा ने आबकारी कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया के दौरान 12 युवकों की मौत का मामला उठाते हुए सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल उठाया।
उन्होंने अगस्त की भीषण गर्मी में शारीरिक परीक्षण कराने के निर्णय की निंदा करते हुए इसे सरकारी लापरवाही का संकेत बताया।
सरमा ने राज्य सरकार से 15 सितंबर तक भर्ती प्रक्रिया रोकने का आग्रह किया तथा शारीरिक परीक्षा से पहले मेडिकल परीक्षण की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए 50 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी की भी मांग की।
सरमा ने घोषणा की कि भाजपा इन मौतों की जांच के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में आवेदन करेगी।
उन्होंने आश्वासन दिया कि भाजपा नेता और कार्यकर्ता पीड़ित परिवारों से मिलेंगे और प्रत्येक को एक लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे।
सरमा ने भाजपा के सत्ता में आने पर परिवारों को न्याय दिलाने का वादा करते हुए कहा, “हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी परिवार बिना सहारे के न रहे।”
उन्होंने सीमा पर घुसपैठ, विशेष रूप से बांग्लादेशियों द्वारा घुसपैठ से निपटने के तरीके को लेकर सोरेन सरकार की आलोचना की, जिसे उन्होंने राज्य के लिए एक गंभीर मुद्दा बताया।
सरमा ने संकल्प लिया कि भाजपा सरकार वर्तमान में लागू योजनाओं से भी अधिक महत्वपूर्ण विकास योजनाएं पेश करेगी।
संवाददाता सम्मेलन में झारखंड भाजपा अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी और विपक्ष के नेता अमर कुमार बाउरी भी उपस्थित थे।
