नई दिल्ली : दिल्ली शराब घोटाला में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और शुक्रवार को कोर्ट ने बरी कर दिया है। इस मामले में कोर्ट ने सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया।
आम आदमी पार्टी के दोनों नेताओं का शराब घोटाला मामले में जेल जाना पड़ा था। जिस समय ये मामला सामने आया था तो दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि ऐसा कोई शराब घोटाला नहीं हुआ। उनकी सरकार की आबकारी नीति के खिलाफ मामला राजनीतिक प्रतिशोध और साजिश का नतीजा है। अब राउज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया समेत इस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया। मीडिया से बातचीत के दौरान उनकी आंखें नम हो गईंं थी।
रिहाई के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा सत्य की जीत हुई। मोदी जी और अमित शाह ने बहुत बड़ा षडयंत्र रचा। आज तक के इतिहास में पहली में किसी वर्तमान मुख्यमंत्री को जेल भेजा गया। इशारों ही इशारों में मीडिया को भी निशाने पर लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को नसीहत दी कि समस्याओं को समाधान करें। सभी विपक्षियों को वेवजह जेल में डालना बंद करें।
क्या था पूरा मामला
पूरा मामला नवंबर 2021 का है, जब दिल्ली की नई आबकारी नीति लागू हुई, तब दावा हुआ कि राजस्व बढ़ेगा। हालांकि, उस मामले को लेकर दिल्ली सरकार की मुसीबतें जरूर बढ़ गईं। सालभर भी नहीं हुआ और आबकारी नीति भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गई। केजरीवाल और सिसोदिया की गिरफ्तारी के साथ यह बवाल चरम पर पहुंच गया था।

