जमशेदपुर से साइबर स्लेवरी के मुख्य एजेंट सरताज आलम गिरफ्तार, बेरोजगारों को बैंकॉक भेजकर कराता था साइबर ठगी
रांची। अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) के अधीन संचालित साइबर अपराध थाने की पुलिस ने साइबर अपराध से जुड़े एक मामले में पूर्वी सिंहभूम जमशेदपुर के आजाद नगर थाना क्षेत्र के मानगो जाकिर नगर रोड नंबर तीन निवासी सरताज आलम को गिरफ्तार किया है।
उसपर बेरोजगार युवकों को डाटा एंट्री का काम दिलाने के नाम पर मानव तस्करी कर थाईलैंड के बैंकॉक भेजने और वहां साइबर ठगी के काम में लगाने का आरोप है।
साइबर अपराध थाने की पुलिस की छानबीन में अब तक सरताज आलम के विरुद्ध जमशेदपुर के ही मुक्त हुए तीन युवकों को गांव भेजने का आरोप सत्यापित हुआ है। साइबर अपराध थाने की पुलिस ने उसे जमशेदपुर पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया है। अंतरराष्ट्रीय साइबर स्लेवरी में दर्ज कांड के आधार पर अलग-अलग एजेंटों के माध्यम से विदेश भेजकर उनसे साइबर अपराध में धकेले गए बहुत से बेरोजगार युवकों को मुक्त कराया गया है। इनमें 15 युवक झारखंड के हैं।
इन 15 युवकों में तीन युवक जमशेदपुर के हैं, जबकि अन्य युवकों में कुछ धनबाद, बोकारो, हजारीबाग आदि जिलों से जुड़े हुए हैं। मुक्त हुए युवकों के संयुक्त बयान के आधार पर सीआईडी के अधीन संचालित साइबर अपराध थाने की पुलिस ने गत वर्ष नौ दिसंबर 2025 को प्राथमिकी दर्ज की थी।
जमशेदपुर निवासी आरोपित एजेंट ने जमशेदपुर के तीन युवकों को थाईलैंड के बैंकॉक में भेजा था। उन्हें वहां केके पार्क साइबर स्कैम कंपाउंड में मानव तस्करी कर भेजा गया था और उन्हें संगठित आनलाइन ठगी गतिविधियों में जबरन शामिल किया गया था।
जांच में यह तथ्य स्पष्ट हुआ है कि गिरफ्तार आरोपित विदेश स्थित सहयोगियों के साथ आपराधिक साजिश कर आकर्षक विदेशी नौकरी का प्रलोभन देकर युवाओं को भर्ती करता था और उन्हें विदेश भेजकर साइबर ठगी जैसे निवेश घोटाले, डिजिटल अरेस्ट तथा अन्य प्रकार के साइबर ठगी संचालन में नियुक्त कराता था।
