भाई ने भी कुछ माह पहले कर ली आत्महत्या, आईआईटी कानपुर में दो वर्षों में सुसाइड का 10वां मामला
कानपुर/ जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा निवासी 29 वर्षीय अंजू ने मंगेतर से विवाद के बाद अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। मामला आईआईटी कानपुर का है। अंजू रसायन विभाग में जूनियर टेक्नीशियन अंजू कुमारी ने फंदा लगाकर जान दे दी। परिसर में ही उनके आवास टाइप एल रूम नंबर 102 में शनिवार सुबह 10 बजे फंदे पर लटका मिला उनका शव। कमरे से डायरी और कागज के कुछ फटे टुकड़े बरामद हुए हैं। मजमून यह है मामले को वैलेंटाइन डे पर मंगेतर से विवाद को जोड़कर देखा जा रहा है।
तय हो चुकी थी शादी, होने वाली थी सगाई
जादूगोड़ा निवासी अंजू की शादी तय हो चुकी थी। जल्द ही सगाई होने वाली थी। संयोग कहें या कुछ और अंजू के भाई ने भी कुछ माह पहले आत्महत्या कर ली थी। उसके बाद से वह तनाव में रह रही थीं। जानकारी यह भी मिली है वह मनोचिकित्सकों सेभी सलाह ले रही थीं। दूसरी ओर आईआईटी कानपुर में पिछले 24 माह में यह 10वीं आत्महत्या है। इससे पहले 20 जनवरी को राजस्थान निवासी छात्र रामस्वरूप ईशराम ने भी हास्टल की छठी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी।
सुबह नहीं खुला दरवाजा
पुलिस के मुताबिक, आइआइटी के रसायन विभाग की जूनियर टेक्नीशियन अंजू कुमारी ने शुक्रवार देर रात तक आफिस रोज की तरह में काम किया। इसके बाद अपने आवास टाइप एल रूम नंबर 102 में चली गई थीं। सुबह करीब 10 बजे एक महिला सहयोगी वहां पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। खटखटाने के बाद भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने आइआइटी प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई।
आइआइटी प्रशासन की सूचना पर एडीसीपी पश्चित कपिल देव सिंह समेत पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। दरवाजा तोड़ा गया तो महिला टेक्नीशियन का शव फंदे से लटकता मिला। एडीसीपी पश्चिम के अनुसार, अंजू के पिता राजननंदन रविदास को घटना की जानकारी दे दी गई है। अंजू के कमरे से एक डायरी बरामद मिली है, जिसमें उन्होंने अपने भाई की आत्महत्या के बाद डिप्रेशन (अवसाद) में जाने और मनोचिकित्सकों से सलाह लेने की बात भी बताई है।
उसके कमरे में कुछ फटे पन्ने भी मिले हैं। उसे सुसाइड नोट माना जा रहा है। टुकड़े बेहद छोटे हैं, जिससे पढ़ पाना मुश्किल है। फटे हुए टुकड़ों को जोड़कर पुलिस और फोरेंसिक टीम पड़ताल में जुटी है। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा हो सकेगा।
घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। मामले की जांच पुलिस कर रही है। संस्थान की ओर से जांच में पूरा सहयोग किया जा रहा है। छात्रों, कर्मचारियों समेत परिसर में रहने वाले सभी लोगों के मानसिक स्वास्थ्य कल्याण के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है।
-प्रो. ब्रजभूषण उपनिदेशक आइआइटी
