दो देसी कट्टा, 315 बोर की चार गोलियां, एक स्कॉर्पियो वाहन और मोबाइल फोन बरामद
जमशेदपुर : जमशेदपुर पुलिस ने अंततः शुक्रवार को कैरव गांधी अपहरण मामले का खुलासा कर दिया है. मालूम हो कि बीते 13 जनवरी को बिस्टुपुर थाना क्षेत्र से अपहृत 24 वर्षीय युवा उद्यमी कैरव गांधी को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष अनुसंधान एवं छापेमारी टीम का गठन किया गया था. टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर विभिन्न राज्यों में समन्वय स्थापित कर लगातार छापेमारी की. सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी गई. लगातार बढ़ते पुलिस दबाव के कारण अपहरणकर्ता युवक को चौपारण- बरही के बीच जीटी रोड पर छोड़कर फरार हो गए. इसके बाद पुलिस ने युवक को सुरक्षित बरामद कर परिजनों को सौंप दिया.
बरामदगी के बाद पुलिस ने बिहार के गया, पटना और नालंदा जिलों में छापेमारी कर इस कांड में संलिप्त छह आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार अपराधियों में गुड्डू सिंह, उपेंद्र सिंह, अर्जुन सिंह उर्फ़ आर्यन, मोहम्मद इमरान आलम उर्फ आमिर, रमेश राजा और मोहन कुमार प्रसाद शामिल हैं. पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार और गोलियां बरामद की गईं.
मालूम हो कि छापेमारी के दौरान आरोपियों ने बीती रात पुलिस की सरकारी हथियार छीनकर पुलिस पर फायरिंग का प्रयास किया था. आत्मरक्षा में पुलिस ने न्यूनतम बल का प्रयोग किया, जिसमें तीन आरोपी घायल हो गए. घायलों को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस ने आरोपियों के पास से दो देसी कट्टा, 315 बोर की चार गोलियां, एक स्कॉर्पियो वाहन और मोबाइल फोन बरामद किए हैं. एसएसपी ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जा रही है और मामले की आगे की जांच जारी है.
एसएसपी पियूष पाण्डेय ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस कांड में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ लगातार अभियान चलाती रहेगी. बता दे कि इस मामले को लेकर जमशेदपुर पुलिस की घोर किरकिरी हुई थी. अंततः पुलिस ने इस मामले का खुलासा कर दिया है.
