जगन्नाथपुर : पश्चिम सिंहभूम जिले के हाटगम्हरिया और आसपास के क्षेत्रों में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार की रात हाटगम्हरिया प्रखंड के केंदपोसी गांव में एक बार फिर जंगली हाथियों का तांडव देखने को मिला। बताया गया कि लगभग 20 जंगली हाथी पांच अलग–अलग समूहों में बंटकर गांव को चारों ओर से घेरते हुए देर रात आबादी वाले इलाके में घुस आए।
हाथियों के झुंड ने गांव में जमकर उत्पात मचाया, जिससे ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। सबसे पहले हाथियों ने उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय दुनुमगुटू को निशाना बनाया। विद्यालय के रसोईघर और चावल भंडारण कक्ष को तोड़कर वहां रखा गया बच्चों का मध्याह्न भोजन (एमडीएम) का चावल पूरी तरह खा लिया। विद्यालय भवन को भारी क्षति पहुंची है, जिससे शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
इसके बाद हाथियों ने गांव के तीन आवासीय घरों पर हमला किया। घरों के दरवाजे तोड़ दिए गए और अनाज को नुकसान पहुंचाया गया। वहीं स्टेशन कॉलोनी में भी हाथियों ने जमकर तांडव मचाया। स्टेशन कॉलोनी निवासी राजकुमार सिंकु के घर का दरवाजा तोड़ दिया गया, जबकि बड़कुवार सिंकु के मकान को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त करते हुए दरवाजा तोड़ डाला गया। यहां से हाथियों ने दो बोरा चावल और धान खा लिया।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले चार–पांच दिनों से हाथियों का दल गांव के आसपास सक्रिय है, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग पूरी तरह निष्क्रिय बना हुआ है। न तो हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने की कोई ठोस कार्रवाई की गई है और न ही ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी व्यवस्था की गई है।
लगातार हो रहे हमलों से गांव के लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं में भय व्याप्त है। ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर भेजने, साथ ही क्षतिग्रस्त घरों और विद्यालय के लिए शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है।
सबसे पहले हाथियों ने उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय दुनुमगुटू को निशाना बनाया। विद्यालय के रसोईघर और चावल भंडारण कक्ष को तोड़कर वहां रखा गया बच्चों का मध्याह्न भोजन (एमडीएम) का चावल पूरी तरह खा लिया। विद्यालय भवन को भारी क्षति पहुंची है, जिससे शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
