IRCTC घोटाला : लालू यादव की याचिका पर दिल्ली HC ने CBI को थमाया नोटिस, अगली सुनवाई 14 जनवरी को
नई दिल्ली, पटना : दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली डेट दे दी है। लालू यादव ने आईआरसीटीसी होटल घोटाला मामले में उनके और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप तय करने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की थी।
निचली अदालत के फैसले को दी गई है चुनौती
न्यायूमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध इस मामले में लालू यादव ने राउज एवेन्यू कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उनके और उनके परिवार के खिलाफ धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप तय किए गए थे। कोर्ट ने अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 जनवरी की तारीख मुकर्रर की है। अपनी आपराधिक पुनरीक्षण याचिका में लालू यादव ने तर्क दिया है कि आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश या धोखाधड़ी से संबंधित मामलों में आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद नहीं हैं।
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि 13 अक्टूबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस चर्चित घोटाले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ गंभीर धाराओं में आरोप तय करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी), 120बी (साजिश) और भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13(2) के तहत आरोप तय किए थे।
लालू यादव पर रेल मंत्री रहते अनियमितता के आरोप
सीबीआई द्वारा 5 जुलाई 2017 को दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक, यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव देश के रेल मंत्री थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने पद पर रहते हुए मेसर्स सुजाता होटल प्राइवेट लिमिटेड (SHPL) के मालिकों (विजय और विनय कोचर) को फायदा पहुंचाया। आरोप है कि आईआरसीटीसी के रांची और पुरी स्थित बीएनआर (BNR) होटलों की लीजिंग प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं बरती गईं, जिसके बदले अनुचित लाभ लिए गए।
