हिंदी दिवस पर जमशेदपुर वर्कर्स कॉलेज में हुआ आयोजन
छात्रों ने कविताओं और प्रतियोगिताओं से बांधा समां
मुख्य बिंदु:
- प्राचार्य ने कहा भाषा अभ्यास से ही जीवित रहती है
- तकनीक पर अधिक निर्भरता को बताया चिंताजनक
- कविगोष्ठी और प्रश्नोत्तरी में छात्रों ने लिया भाग
जमशेदपुर – हिंदी दिवस पर वर्कर्स कॉलेज में रंगारंग कार्यक्रम हुआ।
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डॉ. सत्यप्रिय महालिक ने दीप प्रज्ज्वलन से की। उन्होंने कहा कि भाषा का अस्तित्व तभी रहता है जब उसका प्रयोग निरंतर होता है। उन्होंने छात्रों को नियमित लेखन और पठन की आदत पर जोर दिया।
दूसरी ओर, डॉ. महालिक ने तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता को खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि हाथ से लिखने की परंपरा बनाए रखना जरूरी है। “भाषा तभी जीवित है जब उसे लोग जीते हैं,” उन्होंने कहा।
इस अवसर पर शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उपस्थित शिक्षकों में डॉ. संजय गोराई, प्रो. सुनीता गुड़िया, डॉ. सुमन कुमारी, डॉ. वाज़दा तबस्सुम, डॉ. संगीता कुमारी, डॉ. संजू, डॉ. मीतू आहूजा, प्रो. मलिका हेजाब, डॉ. राफिया बेगम, डॉ. विद्याराज डी.जे., डॉ. मोनीदीपा दास, डॉ. शिप्रा, प्रो. कंचन गिरि, प्रो. सुदेष्णा बनर्जी और प्रो. हरेन्द्र पंडित शामिल रहे।
वैसे, छात्रों ने कविगोष्ठी प्रस्तुत कर सभी को आकर्षित किया। साक्षी ने इसका संचालन किया। कई विद्यार्थियों ने कविताओं से कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
दूसरे शब्दों में, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आकर्षण का केंद्र रही। विद्यार्थियों ने इसमें पूरे उत्साह से भाग लिया।
स्मरण रहे, कार्यक्रम का संचालन प्रो. सुदेष्णा बनर्जी ने किया। स्वागत भाषण प्रो. सुनीता गुड़िया ने दिया और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. कंचन गिरि ने प्रस्तुत किया। आयोजन का सफल संयोजन प्रो. हरेन्द्र पंडित ने किया।


