जम्मू-कश्मीर को सोनमर्ग टनल के रूप में मिली नई जीवनरेखा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोनमर्ग टनल का किया उद्घाटन, 6.4 किमी लंबी सुरंग ने कश्मीर को सालभर कनेक्टिविटी की सौगात दी।
जम्मू-कश्मीर में बनी सोनमर्ग टनल अब पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है। श्रीनगर-लेह हाईवे पर बनी यह डबल लेन सुरंग न केवल यात्रा समय को कम करेगी बल्कि टूरिज्म और विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

जम्मू कश्मीर को 13 जनवरी 2025 को एक नई लाइफलाइन मिली। एक ऐसी जीवन रेखा जिससे गुजर कर जम्मू कश्मीर विकास की नई गाथा लिखेगा। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि मेन स्ट्रीम मीडिया के लिए यह खबर जैसे आई गई बात थी, बावजूद इस सच्चाई के कि यह जानकारी कश्मीर जाने वाले टूरिस्ट के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है।
टाउन पोस्ट के पाठकों में भी कई ऐसे लोग होंगे जो आने वाली छुट्टियां बिताने के लिए कश्मीर जाने की प्लानिंग कर रहे होंगे। इसलिए मैंने यह जानकारी आपके साथ शेयर करना उचित समझा ।
यह लाइफ लाइन कश्मीर के लोगों की जिंदगी भी आसान बनाएगी। साल के कई महीनो तक बर्फ की मोटी चादर में दबकर कश्मीर के विकास की रफ्तार थम जाती थी ।
इस जीवन रेखा के जरिए साल के 12 महीने कश्मीर के लोगों को पूरे राज्य में एक जगह से दूसरे जगह तक जाने की आजादी रहेगी, मौसम कोई अड़चन नहीं बनेगा। कश्मीर की लाइफ लाइन कहीं पहाड़ों को चीर कर तो कहीं जमीन के अंदर तैयार की गई। कश्मीर की इस लाइफ लाइन का नाम है सोनमर्ग टनल जिसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते सोमवार को लोकार्पण किया। यह सुरंग कश्मीर के लोगों को 12 महीने आपस में जोड़कर रखेगी। हां, इस सुरंग ने चीन और पाकिस्तान की नींद जरूर उड़ा दी है पर इससे हमें क्या?
श्रीनगर लेह हाईवे NH1 पर बनी यह डबल लेन सुरंग 6.4 km लंबी है और यह श्रीनगर को सोनमर्ग से जोड़ेगी। बर्फबारी की वजह से यह NH साल के 6 महीने बंद रहता था। बर्फबारी के कारण रास्ते ब्लॉक हो जाया करते थे जिसका सबसे ज्यादा नुकसान स्थानीय लोगों और पर्यटकों को उठाना पड़ता था। सुरंग बन जाने से इस NH पर गाड़ियों की औसत स्पीड 30 किलोमीटर प्रति घंटा से बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी जिससे यात्रा में लगने वाला समय भी कम हो जाएगा।
टनल में गाड़ियां सरपट दौड़ेंगी। टनल में इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम भी लगा है । इस सुरंग के बन जाने से सोनमर्ग के साथ-साथ कारगिल और लेह के लोगों की जिंदगी भी आसान बन जाएगी। पर्यटकों की आवाजाही साल भर हो जाने से, जाहिर है, कश्मीर और लेह इलाके में टूरिज्म को भी पंख लग जाएंगे। इसलिए जम्मू कश्मीर को मिला यह एक बहुत बड़ा तोहफा है। वैसे भी धारा 370 की समाप्ति के बाद कश्मीर में टूरिज्म लगातार बढ़ा है। साल 2024 में 2 करोड़ से अधिक टूरिस्ट जम्मू कश्मीर आए हैं।
यह बात पाकिस्तान परस्त आतंकवादियों को लंबे समय से परेशान कर रही थी। 20 अक्टूबर 2024 को टनल के काम में लगे मजदूरों पर अंधाधुंध फायरिंग कर आतंकवादियों ने एक डाक्टर समेत 6 लोगों की हत्या कर दी थी। लेकिन सोनमर्ग टनल का प्रोजेक्ट रुका नहीं। सोनमर्ग टनल समुद्र तल से 8650 मीटर की ऊंचाई पर बनी है। टनल के शुरू हो जाने से अब बाबा अमरनाथ का दर्शन भी आसान हो जाएगा। 10 वर्षों में तैयार हुए इस टनल से हर घंटे करीब 1000 वहां गुजर सकेंगे।
सोनमर्ग टनल के बन जाने से दुर्गम कारगिल क्षेत्र में सैनिकों की आवाजाही भी सरल होगी। इससे पहले बर्फबारी के समय में इंडियन आर्मी पूरी तरह एयरफोर्स पर निर्भर हो जाती थी। जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस टनल के लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी का बहुत धन्यवाद किया। लेकिन पाकिस्तान और चीन को इससे मिर्ची लग गई है क्योंकि पर्यटन के साथ-साथ सामरिक दृष्टि से भी देश के लिए सोनमर्ग सुरंग एक प्लस पॉइंट है। विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने की ओर देश का एक और कदम।

